जगदलपुर। बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने शनिवार को जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की क्राइम रिव्यू बैठक लेकर अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निराकरण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपराधों, लंबित विवेचनाओं और शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई।
एसपी ने लंबित प्रकरणों का शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवेचना समयबद्ध और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में स्मार्ट पुलिसिंग, कम्युनिटी पुलिसिंग और तकनीक आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को सीसीटीएनएस (CCTNS) सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर पुलिस कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागीय, न्यायालयीन और अन्य वैधानिक अनुपालनों का समय पर पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एसपी ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के सख्ती से पालन, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जन-जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में वर्तमान वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) मिश्रा ने विवेचना और अभियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर अधिकारियों का मार्गदर्शन किया, ताकि जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।