0 एसडीएम व राजस्व अमले की मुस्तैदी
0 तर्रेम क्षेत्र के डल्ला, मल्लेपल्ली और लंका पल्ली में भीषण बाढ़
जगदलपुर। वैसे तो भारी बारिश ने पूरे बस्तर संभाग में हाहाकार के हालात बना दिए हैं, मगर संभाग के बीजापुर जिले में पिछले 4 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार भारी बारिश के कारण जिले में हालात कुछ ज्यादा ही खराब नजर आ रहे हैं। इस जिले के सभी नदी नाले ऊफान पर हैं। जिले के दर्जनों गांवों का नदी नालों में आई बाढ़ की वजह से संपर्क टूट कट गया है। उसूर ब्लॉक में ग्राम डल्ला में बाढ़ के कारण प्रसव से पीड़ित महिला के फंसे होने की जानकारी प्राप्त होने पर एसडीएम भूपेंद्र गावरे ने तत्काल तहसीलदार देवनंदन टंडन को रेस्क्यू करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार श्री टंडन ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए तत्काल एसडीआरएफ की टीम एवं पटवारी विनीत मारके, मनीषा नागेश तथा चिकित्सक शिवा के स्वास्थ्य अमले के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू का जिम्मा लेते हुए कल सुबह प्रसव हो चुके 1 नवजात शिशु एवं माता मोडियम मासे पति सुक्खू तथा मल्लेपल्ली की गर्भवती ऊईका सुक्की पति सन्नू का सफल रेस्क्यू कर बासागुड़ा अस्पताल पहुंचाया।

3 दिन से फंसे रहे 7 पर्यटक
दूसरी ओर लंकापल्ली में झरने के सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे 7 पर्यटकों के पिछले 3 दिन से फंसे होने की खबर क्षेत्र के पटवारी को मिलते ही रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। 3 दिन से फंसे पर्यटकों में मोहित कोर्राम, आशीष यादव, निमित नंद, शिव कुमार कश्यप, ट्विंकल मौर्य भूमिका कश्यप, संध्या यादव का सफल रेस्क्यू किया गया। ये सभी पर्यटक बीजापुर व जगदलपुर क्षेत्र के बताए गए हैं। मौके पर उपस्थित सभी ग्रामवासियों को तहसीलदार उसूर द्वारा बाढ़ की स्थिति में नदी नाले पार नहीं करने की हिदायत दी गई। एसडीएम गावरे ने भी स्वयं क्षेत्र का जायजा लेते हुए पटवारी इंद्र कुमार झाड़ी, रवींद्र पुजारी और बंशीधर राणा को साथ लेकर नंबी, गलगम और कर्रेगुट्टा तक पहुंचकर बाढ़ एवं अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्राकृतिक क्षति से होने वाले नुकसान पर पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए पटवारियों को आरबीसी 6 (4) के प्रकरण तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया।