रायपुर। संघ के नेता टीजी मोहनदास के द्वारा जंतर मंतर के प्रदर्शनकारी बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के लिये भाजपा देश की महिलाओं से माफी मांगे। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि यह सिर्फ़ एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि आरएसएस और भाजपा की उस नफ़रत भरी राजनीति की झलक हैं जिसकी आलोचना वर्षों से होती रही है। यह पहली बार नहीं है इससे पहले भी संवैधानिक पदों पर बैठे भाजपा आरएसएस के लोगों ने सार्वजनिक तौर पर महिलाओं के खिलाफ कुंठित और नफ़रती ज़हर उगलते रहे हैं। संघी टी जी मोहनदास का यह कहना कि अगर मेरे पास अधिकार होता तो मैं जंतर मंतर के आसपास कर्फ्यू लगाकर प्रदर्शनकरियो को गोली मार देता क्या ऐसे बयान समाज में हिंसा को बढ़ावा नहीं देते, देहाती छात्र-छात्राओं पर लाठी डंडे आंसू गैस के गोली और पायलट गन चला कर मन नहीं भरा इन अत्याचारियों का, इनकी मंशा इतनी खतरनाक है। संघी मोहनदास ने यह भी कहा कि प्रोटेस्ट में ऐसी लड़कियां थीं जिन्हें रेप पसंद है, और अगर उनके साथ ऐसा होता तो वे कहीं शिकायत नहीं करती। अपने पोतियों के उम्र की बच्चियों के लिए ऐसी सोच है इन कायर कुकर्मियों की।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि आर एस एस मूलतः महिला विरोधी है, महिलाओं का अपमान, हिंसा की भाषा और समाज में ज़हर घोलने वाली ऐसी मानसिकता देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है। इसे ज़ाहिल और विकृत मानसिकता के लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। ऐसे अपराधियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा और आरएसएस हमेशा से ही हिंसक और महिला विरोधी रही है। संघी टीजी मोहनदास का घिनौना बयान आंदोलनकारी बेटियों को बदनाम करने के लिए भाजपा के षडयंत्र का हिस्सा है। इस मामले में सरकार की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि ऐसी ऐसी महिला विरोधी बयान सरकार के इशारे पर सरकार के संरक्षण में ही दिया गया है।