कांकेर। जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षक जान जोखिम में डालकर विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचा रहे हैं। पुल-पुलिया के अभाव में उन्हें प्रतिदिन उफनती कोटरी नदी पार कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर VSK ऐप की तकनीकी समस्याओं को लेकर शिक्षकों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कोयलीबेड़ा ब्लॉक के कई दूरस्थ गांवों में आवागमन के लिए पर्याप्त पुल-पुलिया नहीं हैं। बारिश के मौसम में कोटरी नदी उफान पर होने के बावजूद शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रतिदिन स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि एक ओर वे कठिन परिस्थितियों में शिक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा VSK ऐप और युक्तियुक्तकरण से जुड़े लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐप में मौजूद तकनीकी खामियों को दूर किए बिना नए आदेश लागू किए जा रहे हैं, जिससे कार्य करने में परेशानी हो रही है।
शिक्षक राजेश कुमार खरे, शेख इमरान उल्ला, संजय साहू, श्रीमती श्यामा ठाकुर, उत्तम कोमरा, विष्णु राम चुरेंद्र, जयपद देहरी, आत्माराम साहू और फिलोमन खलखो ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पहले VSK ऐप की तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि शिक्षक बिना किसी बाधा और भयमुक्त वातावरण में शैक्षणिक कार्य कर सकें।