वीएसके एप की तकनीकी खामी के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन कटा, तो होगा बड़ा आंदोलन : देवराज खुंटे

० वीएसके एप की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग, वेतन कटौती पर फेडरेशन ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी 
जगदलपुर। शिक्षा विभाग द्वारा अनिवार्य किए गए वीएसके एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं और नेटवर्क की दिक्कतों के कारण प्रदेश के हजारों शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। विशेषकर बस्तर अंचल के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने, लोकेशन मिसमैच तथा सर्वर संबंधी तकनीकी खामियों के चलते शिक्षक घंटों मोबाइल लेकर धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसके बावजूद तकनीकी विफलता का जिम्मेदार शिक्षकों को मानते हुए वेतन रोकने या कटौती करने का फरमान जारी करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और तानाशाहीपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष देवराज खुंटे ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि शिक्षा विभाग पहले अपनी डिजीटल व्यवस्था और वीएसके एप की तकनीकी खामियों को दुरुस्त करे। शिक्षकों के निजी मोबाइल का शासकीयकरण बंद किया जाए। यदि विभाग को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य करना है, तो पहले प्रत्येक विद्यालय में आवश्यक डिवाइस एवं तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, इसके बाद ही शिक्षकों पर किसी प्रकार की बाध्यता लागू की जाए। श्री खुंटे ने कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विभाग को शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने और विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत ऑनलाइन अटेंडेंस के नाम पर शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विभाग की डिजीटल व्यवस्था और सर्वर ही तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो उसकी विफलता का खामियाजा शिक्षक अपने वेतन की कटौती के रूप में क्यों भुगतें?

विभाग उपलब्ध कराए डिवाइस
फेडरेशन के जिला सचिव गणेश्वर नायक ने कहा है कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित करने देने के बजाय उन्हें ऑनलाइन अटेंडेंस सहित विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन कार्यों में उलझाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए अपनी जिद छोड़नी चाहिए और शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना चाहिए। फेडरेशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक वीएसके एप की तकनीकी खामियां पूरी तरह दूर नहीं होतीं, तब तक इसकी अनिवार्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए। यदि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी शिक्षक के वेतन में कटौती या वेतन रोकने की कार्रवाई की जाती है, तो फेडरेशन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति में शिक्षक अपने निजी मोबाइल से विभागीय कार्य करने का बहिष्कार करते हुए चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

फेडरेशन की प्रमुख मांगें
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष देवराज खुंटे ने शासन एवं शिक्षा विभाग से निम्न मांगें तत्काल पूरी करने की मांग की है- वीएसके एप की अनिवार्यता को तकनीकी समस्याओं के समाधान तक तत्काल प्रभाव से शिथिल किया जाए, प्रदेश के सभी विद्यालयों में बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध कराकर बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की जाए, वीएसके एप में पूर्ण तकनीकी सुधार होने तक विद्यालयों में पारंपरिक मैनुअल (रजिस्टर) उपस्थिति को पूर्णतः वैध माना जाए, तकनीकी त्रुटि, नेटवर्क समस्या या सर्वर की खराबी के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन न रोका जाए और न ही वेतन में कटौती की जाए। वेतन रोकने अथवा कटौती संबंधी आदेश तत्काल वापस लिया जाए तथा दूरस्थ एवं एकल-शिक्षकीय विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना की जाए तथा विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत एवं डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। देवराज खुंटे ने कहा कि शिक्षकों को परेशान करने के बजाय शासन और विभाग को शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक समस्याओं, एकल शिक्षकीय विद्यालयों और संसाधनों की कमी को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। यदि वेतन कटौती संबंधी आदेश तत्काल वापस नहीं लिया गया और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक फेडरेशन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

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