महानदी जल विवाद के समाधान हेतु केंद्र की मध्यस्थता का फैसला ऐतिहासिक व स्वागतयोग्य : भाजपा

० प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी ने जताया भरोसा : वर्षों से लंबित अंतरराज्यीय विवाद का आपसी सहमति से निकलेगा स्थायी समाधान

​रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के मध्य वर्षों से चले आ रहे महानदी जल विवाद को केंद्र सरकार की मध्यस्थता से सुलझाने की दिशा में बनी सहमति का पुरजोर स्वागत किया है। श्रीमती चौधरी ने इस ऐतिहासिक पहल को दोनों राज्यों के विकास और किसानों के हित में एक बड़ा व दूरगामी कदम बताया है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व ​सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल में लम्बे समय से लम्बित इस गम्भीर मामले में केन्द्र सरकार की मध्यस्थता स्वीकार करने पर दोनों राज्यों, ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ ने जो सहमति जताई है, उससे आपसी सद्भाव और संवाद के जरिए स्थायी समाधान की उम्मीदें बेहद मजबूत हुई हैं। श्रीमती चौधरी ने केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि श्री साहू द्वारा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मिलकर की गई सार्थक चर्चा और केंद्रीय जल आयोग के माध्यम से दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने के अनुरोध का ही परिणाम है कि आज यह ऐतिहासिक मोड़ सम्भव हो सका है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व ​सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के बीच जल्द ही आयोजित होने वाली उच्चस्तरीय बैठक से जल बँटवारे से जुड़े विवादित मुद्दों पर आपसी सहमति कायम होगी। ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बेला एस. त्रिवेदी के समक्ष दोनों राज्यों द्वारा केंद्र की मध्यस्थता पर जताई गई रजामंदी यह दर्शाती है कि लम्बी प्रक्रियाओं की तुलना में आपसी बातचीत से मसले सुलझाना अधिक प्रभावी है। श्रीमती चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें और केंद्र सरकार का मार्गदर्शन महानदी विवाद का ऐसा सर्वमान्य व न्यायसंगत समाधान निकालेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओड़िशा के जन-जन का हित सुरक्षित होगा।

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