० जंगली जानवरों का शिकार और लकड़ी तस्करी रोकने के लिए बनी साझा रणनीति
० तेलंगाना, महाराष्ट्र और छग के बीच सहमति
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने एक ऐसी पहल की है, जो अन्य राज्यों के लिए नजीर बन गई है। मंत्री श्री कश्यप की पहल पर जंगली जानवरों के शिकार और वनोपजों तथा लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए तीन पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र ने साझा रणनीति बनाई है।इस पहल से इन तीनों राज्यों में ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
दरअसल छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी, ओपी यादव के निर्देश पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना के वन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक हुई। बैठक में वन्यजीवों के शिकार, लकड़ी तस्करी और अन्य वन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त गश्त, एंटी-पोचिंग अभियान, डिजीटल इंटेलिजेंस नेटवर्क और रियल टाइम सूचना साझा करने पर सहमति बनी। तीनों राज्यों के वन अमले अब सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई करेंगे। विदित हो कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र व तेलंगाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में आता है। वन्यजीव के शिकारी व तस्कर इन्हीं क्षेत्रों से आते हैं। इसे देखते हुए ऎसी साझी रणनीति बनाई गई है।