वेदांता हादसे पर विधानसभा में गरमाई बहस, अनिल अग्रवाल का नाम आते ही सत्ता-विपक्ष में तीखी नोकझोंक, कांग्रेस का वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में औद्योगिक सुरक्षा और वेदांता संयंत्र हादसे का मुद्दा जोरदार ढंग से गूंजा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सक्ती जिले के वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सुरक्षा ऑडिट, जांच की प्रगति और दोषियों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश में लगातार औद्योगिक दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। उन्होंने विशेष रूप से वेदांता संयंत्र में हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई और कई श्रमिक घायल हुए। उन्होंने पूछा कि सुरक्षा ऑडिट में क्या सामने आया, किन लोगों को जिम्मेदार पाया गया और जांच अब किस चरण में है।
महंत ने यह भी सवाल उठाया कि वेदांता प्रकरण में दर्ज एफआईआर में कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। उन्होंने पूछा कि इन आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई और क्या उनसे पूछताछ की गई है।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब में बताया कि प्रदेश में जिन पांच औद्योगिक इकाइयों में दुर्घटनाएं हुई हैं, उन सभी का सुरक्षा ऑडिट कराया गया है। उन्होंने कहा कि सक्ती स्थित वेदांता संयंत्र हादसे में अरुण मिश्रा, योगेंद्र पटेल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एफआईआर में कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल सहित अन्य संबंधित लोगों के नाम भी शामिल हैं।
मंत्री ने सदन को बताया कि श्रम विभाग ने इस मामले में श्रम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जबकि पुलिस स्वतंत्र रूप से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल किया कि क्या भविष्य में किसी भी औद्योगिक दुर्घटना में संबंधित कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ भी इसी तरह कार्रवाई होगी या यह केवल एक मामले तक सीमित रहेगा। मंत्री ने जवाब दिया कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेकर कार्रवाई की चर्चा करना उचित नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि जब एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है, तो उसका उल्लेख करने में क्या आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है।
अनिल अग्रवाल के नाम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सदन का माहौल गरमा गया। अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *