0 बच्चे आज भी शिक्षक किताब और यूनिफॉर्म का इंतजार कर रहे हैं
रायपुर। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ चुकी है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को अब तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। यह सरकार की प्रशासनिक विफलता और शिक्षा के प्रति उदासीनता का सबसे बड़ा प्रमाण है। सबसे बड़ा उदाहरण बेमेतरा जिला में देखने को मिल रहा है वहाँ एक भी स्कूल में बच्चों को किताबें नहीं मिला है ऐसे में बच्चे कैसे समय पर कोर्स कम्पलीट कर पाएंगे इधर शिक्षा मंत्री हर रोज़ एक नया नियम लाते हैं और यह सिर्फ़ काग़ज़ों तक ही सिमटकर रह जाता है . विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होती जा रही है अब तो अभिभावक भी विरोध कर रहे हैं भिलाई क्षेत्र की रानी तराई में शिक्षक की कमी को लेकर के स्कूल में ताला लगाकर के विरोध प्रदर्शन किया गया।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार मंचों से “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि बच्चे बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं और गरीब परिवारों के बच्चे बिना यूनिफॉर्म के स्कूल जाने को मजबूर हैं। सरकार के दावे और धरातल की हकीकत में बड़ा अंतर है। भाजपा सरकार से अभिभावक सवाल पूछ रहे हैं कि जब स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तब किताबों और यूनिफॉर्म की व्यवस्था समय पर क्यों नहीं की गई? क्या शिक्षा विभाग पूरी तरह विफल हो चुका है? इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या सरकार बच्चों के भविष्य को भी फाइलों और बैठकों में उलझाकर रखना चाहती है?
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता शिक्षा नहीं, केवल प्रचार है। यदि सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर होती तो आज प्रदेश का कोई भी बच्चा बिना किताब और यूनिफॉर्म के स्कूल जाने को मजबूर नहीं होता भाजपा सरकार ने बच्चों को समय पर किताब और यूनिफार्म तक नहीं दे पा रही है वह नई शिक्षा व्यवस्था की बड़ी बड़ी बातें करने का नैतिक अधिकार नहीं है बच्चों का भविष्य किसी भी सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है लेकिन भाजपा सरकार ने उसे भी राजनीति और प्रचार का विषय बना दिया है।