जीके ई-व्हीकल इंडस्ट्रीज ने रचा नया कीर्तिमान, 5,000वां इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर हुआ तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जीके ई-व्हीकल इंडस्ट्रीज ने अपने 5,000वें इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का सफल उत्पादन पूरा कर लिया है। इस अवसर पर कंपनी के उत्पादन संयंत्र में विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहां जीके ग्रुप के डायरेक्टर अमर परवानी ने 5,000वें वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में जीके ग्रुप की डायरेक्टर किरण परवानी, अनमोल परवानी, मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) सुरेश दसारी सहित कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस उपलब्धि को कंपनी की उत्पादन क्षमता और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार की दिशा में अहम मील का पत्थर बताया गया।
कंपनी ने सितंबर 2022 में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर निर्माण की शुरुआत की थी। महज कुछ वर्षों में 5,000 वाहनों का उत्पादन कर कंपनी ने खुद को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य भारत के प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं में शामिल कर लिया है। लॉन्च के पहले वर्ष से ही कंपनी ने राज्य में मजबूत पहचान बनाई और लास्ट माइल ट्रांसपोर्ट के लिए किफायती व पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति पर जोर दिया।
वर्तमान में जीके ई-व्हीकल इंडस्ट्रीज का नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी के 27 अधिकृत डीलर और 36 बिक्री एवं सेवा आउटलेट छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा कंपनी जल्द ही मध्यप्रदेश और ओडिशा में भी अपना डीलर नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल वाहन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ, टिकाऊ और किफायती परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना भी है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर जीके ग्रुप के डायरेक्टर अमर परवानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य “मेड इन छत्तीसगढ़” इलेक्ट्रिक वाहनों को देशभर तक पहुंचाना और राष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद ईवी ब्रांड के रूप में पहचान बनाना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित तकनीक और गुणवत्ता के दम पर छत्तीसगढ़ का नाम देश के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में स्थापित करना कंपनी की प्राथमिकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कंपनी उत्पादन क्षमता और बाजार दोनों का विस्तार करेगी तथा स्वदेशी निर्माण, रोजगार सृजन और हरित परिवहन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी। 5,000वें वाहन का उत्पादन इसी दिशा में कंपनी की निरंतर प्रगति और बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।

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