राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा कांग्रेस की हताशा का प्रतीक, कांग्रेस दारू से चरण धोकर करे स्वागत : केदार कश्यप

रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि यह दौरा कांग्रेस की बढ़ती राजनीतिक हताशा, संगठनात्मक बिखराव और लगातार सिमटते जनाधार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार, घोटालों और जनविश्वास के साथ खिलवाड़ किया, वही आज जनता के बीच जाकर विश्वास मांगने का प्रयास कर रही है। मंत्री केदार कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अपने शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए हमेशा नए-नए प्रयोग करती रही है। पिछली बार जब प्रियंका गांधी छत्तीसगढ़ आई थीं, तब कांग्रेस नेताओं ने उनके स्वागत के लिए गुलाब की पंखुड़ियों की सड़क बिछाई थी। अब राहुल गांधी के आगमन पर कांग्रेस को अपने शासनकाल की सबसे बड़ी पहचान रहे शराब घोटाले को याद करते हुए उनका स्वागत “दारू से चरण धोकर” करना चाहिए। यह कांग्रेस के पांच वर्षों के शासनकाल का सबसे उपयुक्त प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ आने से पहले प्रदेश की जनता को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस शासनकाल में हुए कथित शराब घोटाले, कोयला घोटाले, भर्ती घोटालों और विभिन्न योजनाओं में हुई अनियमितताओं पर उनकी क्या राय है? कांग्रेस आज भी इन सवालों से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि जनता जवाब चाहती है।

जनता भूली नहीं है बोल बचन
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के कुशासन को भूली नहीं है। किसानों से किए गए वादे, युवाओं को रोजगार देने के दावे, महिलाओं और आदिवासी समाज के विकास के बड़े-बड़े वचन अंततः केवल घोषणाओं तक सीमित रह गए। यही कारण है कि जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के नए अध्याय लिख रहा है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जनजातीय विकास और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। भाजपा सरकार जमीन पर परिणाम दे रही है, जबकि कांग्रेस केवल भ्रम और दुष्प्रचार की राजनीति कर रही है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को चुनाव या राजनीतिक संकट के समय ही जनता की याद आती है। राहुल गांधी का यह दौरा भी राजनीतिक पर्यटन से अधिक कुछ नहीं दिखाई देता। छत्तीसगढ़ की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को स्वीकार कर चुकी है और कांग्रेस के नेताओं के दौरों से प्रदेश की राजनीतिक दिशा बदलने वाली नहीं है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने संगठन और नेतृत्व के भीतर व्याप्त अविश्वास, गुटबाजी और दिशा-विहीनता का समाधान करना चाहिए। जनता ने कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका दी है, लेकिन कांग्रेस सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय आज भी आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम फैलाने की राजनीति में उलझी हुई है। केदार कश्यप ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के पारदर्शी शासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर लगातार भरोसा जता रही है तथा आने वाले समय में कांग्रेस को जनता से और अधिक निराशा ही हाथ लगेगी।

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