रायपुर। जिला खनिज न्यास (DMF) निधि से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में एक साथ हुई छापेमारी से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार ईडी की अलग-अलग टीमों ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद और अंबिकापुर सहित कई स्थानों पर दबिश दी। जांच के दौरान DMF फंड से जुड़े वित्तीय लेन-देन, विकास कार्यों के ठेका आवंटन और भुगतान प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।
राजधानी रायपुर के वल्लभ नगर इलाके में स्थित कारोबारी शाश्वत लुणावत के निवास और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों ने वहां मौजूद दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारियों को खंगाला।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी विशेष रूप से DMF निधि के उपयोग, विकास कार्यों में खर्च की गई राशि और ठेके से जुड़ी प्रक्रियाओं की पड़ताल कर रही है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जांच के दायरे में लिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला खनिज न्यास (DMF) निधि खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए बनाई गई है। ऐसे में इस फंड के उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को गंभीरता से देखा जा रहा है।
फिलहाल ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एजेंसी ने अब तक किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोपों की पुष्टि भी नहीं की है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।