
० न्यायालय के आदेश की सरेआम अवहेलना पर भी अब तक कार्रवाई नहीं
० दल्ली राजहरा में जमीन की हेराफेरी का खेल
दली राजहरा। नगर में जमीन की बंदरबांट कर बेतहाशा अवैध कमाई करने वाले नगर पालिका के राजस्व विभाग के कथित बुद्धिमान कर्मचारी और इस मामले में उन्हें अंदरूनी तौर पर सहयोग करने वाले पालिका अधिकारी के सामने एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार और टीआई भी बौने पड़ रहे हैं। ऐसा इसलिए कहना पड़ रहा है क्योंकि न्यायालयीन फैसले का पालन कराने में ये तमाम अधिकारी असफल साबित हो गए हैं।
दल्ली राजहरा नगर के वार्ड क्रमांक 22 में दूसरे की जमीन पर कब्जा कर अवैध रूप से मकान बना रहे व्यक्ति को संरक्षण देने वाले पालिका के बुद्धिमान कर्मचारी लगातार एसडीएम न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते आ रहे हैं। लोगों के अनुसार तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय में अधिकारी कर्मचारी गुटों में बंटे हुए हैं। नगर में जमीन पर कब्जा करवा कर बेचने में माहिर नगर पालिका का तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी सबकी सेवा करता है, और इसके एवज में उनसे सुरक्षा प्राप्त कर लेता है। पिछले तीन दिनों से आशा टॉकीज परिसर के अंदर जमीन को लेकर चल रहे त्रिकोणीय विवाद में इसी बुद्धिमान कर्मचारी की प्रमुख भूमिका है। जमीन के इस खेल में केवल धन का प्रयोग कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मूक बना दिया गया है। अगर कलेक्टर और प्रभारी मंत्री इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे, विवादित कर्मचारी और नगर पालिका अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो नगर में विस्फोटक घटना घट सकती है।