स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही के चलते 5 नये मेडिकल कॉलेज मान्यता पर एनएमसी ने लगाई रोक – धनंजय सिंह

० मनेन्द्रगढ़, गीदम, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर में मेडिकल कालेज खोलने पर एनएमसी ने लगाई रोक, बड़ी लापरवाही उजागर

रायपुर। पांच नये मेडिकल कॉलेज खोलने पर एनएमसी की रोक के लिए स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार पांच नये मेडिकल कालेज खोलने को लेकर गम्भीर नही थी। कांग्रेस सरकार ने दिसम्बर 2022 में कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। बिल्डिंग एवं अस्पताल और अन्य मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने फंड भी स्वीकृत किया गया था लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार दो साल तक कॉलेज बिल्डिंग एवं अस्पताल भवन बनाने टेंडर की प्रक्रिया ही शुरू नहीं की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह जिला जशपुर के कुनकुरी में मेडिकल कालेज बनाने की घोषणा की वहां भी अभी तक कोई मेडिकल कॉलेज के लिए विकास कार्य शुरू नहीं हुआ। ये तो घोर लापरवाही है जिसके चलते मनेन्द्रगढ़, गीदम, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर में मेडिकल कालेज खोलने पर एनएमसी ने रोक लगा दी। स्वास्थ्य मंत्री ने नेशनल मेडिकल कमीशन के मेडिकल कॉलेज खोलने के तय मापदंडों को पूरा करने में रुचि नहीं दिखायी। बल्कि एनएमसी को मेडिकल कॉलेज के लिए बिल्डिंग एवं अस्पताल के सम्बंध में गलत जानकारियां दी गई। जिसे एनएमसी ने सैटेलाइट निरीक्षण के पश्चात गलत पाया और पांचों नये मेडिकल कॉलेज को मान्यता नहीं दी।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल को मनेन्द्रगढ़ एवं कुनकुरी, गीदम, कवर्धा, जांजगीर की जनता को बताना चाहिए उनके जिले में मेडिकल कालेज नहीं खुलने के लिए जिम्मेदार कौन है? स्वास्थ्य विभाग ने मनेन्द्रगढ़ सहित अन्य चार स्थानों में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया की गलत जानकारी एनएमसी को क्यों दी? मनेन्द्रगढ़ सहित अन्य चार स्थानों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए बिल्डिंग एवं अस्पताल क्यों नहीं बनवाई गई?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पांच नये मेडिकल कॉलेज खुलते तो जनता को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य की सुविधा मिलती। डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलता। मेडिकल की सीटें बढ़ती। भविष्य में डॉक्टरों की कमी दूर होती। लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही ने युवाओं के सपने को कुचला है, जनता के साथ धोखा किया है। पांच मेडिकल कॉलेज की अनुमति नहीं मिलने के लिए जवाबदार लोगों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। सरकार प्राथमिकता से मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग एवं अस्पताल भवन का निर्माण कराए, जरूरी सुविधा उपलब्ध कराए ताकि आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज खुलने का रास्ता साफ़ हो।

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