० राज्य मंत्रिमंडल के फैसले को कांग्रेस ने बताया जनविरोधी
० खरीफ में 15000 का प्रश्रय किसानों से धोखा, खाद नहीं दे पा रहे प्रलोभन दे रहे
रायपुर। साय मंत्री मंडल के द्वारा राज्य के पावर ट्रांसमिशन कंपनी को स्टाक मार्केट में लिस्टेड करने के निर्णय का कांग्रेस ने विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि साय सरकार प्रदेश के स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी को शेयर मार्केट में लिस्टेड करके शेयर के माध्यम से उसको निजीकरण की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विद्युत कंपनिया आत्मनिर्भर है, तथा बिजली बनाने का पूरा संसाधन राज्य के पास उपलब्ध है। राज्य में बनने वाली बिजली को वितरण का काम पावर ट्रांसमीशन कंपनी के पास है। सरकार इसका शेयर निकालकर उद्योगपतियो को पिछले दरवाजे से बेचने का प्रयास कर रही है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राज्य विद्युत वितरण कंपनी को अडानी को सौंपने के उद्देश्य से इसका शेयर निकाला जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मंत्री मंडल ने खरीफ फसल में 15000 देने का निर्णय किसानों से छलावा है। प्रदेश के 99 प्रतिशत किसान खरीफ में धान की फसल लेते है। धान की फसल छत्तीसगढ़ के किसानों के लिये जीवन आधार है। धान के फसल के लिये रासायनिक खाद की व्यवस्था नहीं कर पा रही साय सरकार खरीफ की फसल से धान के अलावा अन्य फसल लेने पर 15000 रू. प्रति क्विंटल देगी। प्रश्रय राशि देने की घोषणा कर किसानों को झूठा प्रलोभन दे रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य का मौसम और मानसून धान के अनुकूल है। दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिये न किसानों की तैयारी है, न ही वातावरण अनुकूल सरकार पहले जो संकट सामने खड़ा है, उसका निराकरण को सरकार बताये, खरीफ के लिये कितने उर्वरको की व्यवस्था हो पाई है। सोसायटियों तक पर्याप्त खाद कब तक पहुंचेगा। सरकार किसानों के लिये आवश्यक यूरिया डीएपी की व्यवस्था करे।