हसदेव में अडानी के लिए फिर पेड़ काटे जायेंगे – कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार पर छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बनाने पर तुली हुई है। सरकार के अडानी परस्त नीतियों से हसदेव अरण्य के घने जंगलों पर संकट उत्पन्न हो गया है। मोदी के मित्र अडानी के मुनाफे के लिए सरगुजा रेंज के केते एक्सटेंशन के खुदाई का गौतम अडानी को देने के लिए इस सरकार ने अनुमति दी है। अब रामगढ़ की पहाड़ियां, प्राचीन नाट्यशाला, सीता गुफा, जानकी रसोई, प्रभु श्री राम के वन गमन पथ की पुण्य स्मृतियों को अडानी के आर्थिक लाभ के लिए संकट में डाला जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोग में बदलने की परमीशन दी है। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास भेजा गया, अब केंद्र ने अनुमति दे दिया है। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 7 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो गया। यह वही इलाका है जिसे सेंट्रल इंडिया का “लंग्स ज़ोन“ कहा जाता है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि हसदेव अरण्य का यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची का भाग है, जहां नए खदान स्थापित करने का लगातार विरोध स्थानीय आदिवासियों के द्वारा किया जा रहा है। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को कुचल रही है। कई गांवों के आदिवासी समुदाय लगातार आंदोलित हैं, अति महत्वपूर्ण जैव विविधता संपन्न क्षेत्र में खनन से जंगल, जल स्रोत और उनकी परंपरागत आजीविका पर गहरा असर होगा। हाथियों और अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा, इस मुद्दे पर महीनों से आंदोलन चल रहा है, कई ग्राम सभाओं ने विरोधक प्रस्ताव भी पारित किये, लेकिन इस सरकार में किसी की सुनवाई नहीं है।

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