रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि मंदिरहसौद में पानी मांगने पर भाजपा पार्षद ने हत्या कर दिया। प्रदेश में पेयजल की समस्या कितनी ज्यादा गंभीर हो गयी है कि इसका भयावह एक उदाहरण राजधानी से लगे मंदिर हसौद में हुआ। जहाँ पर पानी नहीं पहुंचने की शिकायत भाजपा पार्षद को इतनी नागवार गुजरी उसने फरियादी नागरिक की हत्या कर लाश रेत में दफन कर दिया। जनता के द्वारा पानी मांगना गुनाह हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि मंदिरहसौद की हत्या भाजपाइयों के सत्ता के अहंकार का एक और उदाहरण है। एक दिन पहले भाजपा के सीतापुर विधायक ने एसडीएम और पुलिस की मौजदूगी में तहसीलदार की पिटाई किया। भाजपाई, मंत्री, विधायक, सांसद सुशासन त्यौहार में अधिकारियों को धमका-चमका रहे थे, अब वे मारपीट, हत्या में उत्तर आये है। एक तो आम जनता की समस्या का निराकरण नहीं कर पा रहे, ऊपर से फरियाद करने पर हत्या कर दे रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही स्थानीय निकाय मूलभूत सुविधा नही दे पा रहे है, फंड रोक दिये गये है, हाल ही में बस्तर के अंतागढ़ ब्लाक के सभी सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा दिया, आज ही जांजगीर-चांपा के अकलतरा नगर पालिका के सभी पार्षदों ने सरकार के खिलाफ विद्रोह करके नगर निगम कार्यालय में ताला जड़ दिया है, इस सरकार में आम जनता भारीभरकम टैक्स चूकाकर भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा की बदहाली को लेकर जगह-जगह आंदोलन हो रहे है। अपना अधिकार मांगने वालों को भाजपा के जनप्रतिनिधि मौत दे रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि सरकार में बैठे हुए लोग यदि आम जनता तथा अधिकारियों से मारपीट, गाली-गलौच तथा अभद्रता पर उतर आये है, पानी जैसे सामान्य मांग पर हत्या कर रहे है, इसका मतलब है उनमें प्रशासनिक क्षमता का अभाव है तथा वे जनकल्याणकारी कार्यो को संवैधानिक तरीके से संपन्न कराने की काबिलियत नहीं रखते तथा वे धमकी-चमकी, मारपीट करके काम करवाना चाहते है या फिर वे अधिकारियों से गैरकानूनी काम करवाना चाहते है, इसीलिए मारपीट करने पर उतारू हो रहे है। यह भाजपा नेताओं का तालिबानी और आततायी चरित्र है।