रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम योजना में श्रमिकों को एक बार मे 1 किलो भोजन परोसने की टेंडर पर सवाल खड़ा करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने खाद्य मंत्री लखन लाल देवांगन से पूछा कि श्रमिको का भोजन का खुराक औसतन एक बार मे लगभग 400 ग्राम है। ऐसे में अन्न योजना से 11 हजार से अधिक श्रमिकों को एक बार मे 1 किलो भोजन खिलाने का टेंडर कैसे जारी कर दिया गया? 2008 में श्रमिकों को एक बार मे 200 ग्राम चांवल 200 ग्राम दाल हरी सब्जी छाछ एवं चाय देना तय हुआ था जिसमे सालाना 12 करोड़ रुपया खर्च होता है अब तय खुराक को बढ़ाकर 1 किलो कर दिया गया।तो प्रति वर्ष 20 करोड़ खर्च होंगे तीन साल के टेंडर में 60 करोड़ रुपया खर्च होगी यानी प्रति वर्ष 8 करोड़ रुपया का खाना श्रमिको के नाम से टेंडर लेने वाले एवं भाजपा सरकार 24 करोड़ रू खायेगी। ये तो बड़ा हेरा फेरी घोटाला है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार की कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की भूख ने श्रमिको के थाली को अपना शिकार बना लिया है।श्रमिक की पेट भरने 400 ग्राम भोजन चाहिए लेकिन भाजपा की भ्रष्टाचार की भूख 1 किलो भोजन के नाम से मिटेगी। भाजपा सरकार का मूल काम भ्रष्टाचार करना है इसके लिए वो किस हद तक गिर सकते है इसका जीता जागता नमूना अन्न योजना का टेंडर है इसके पहले जम्बूरी घोटाला, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में घोटाला, महिला एवं बाल विकास विभाग में समान एवं साड़ी सप्लाई घोटाला, वन विभाग में पौधा एवं तार फेंसिग घोटाला सहित विभागीय समानों के खरीदी में घोटाला उजागर हो चुका है और कार्यवाही के नाम से सिर्फ जांच कमेटी बनाई गयी है। अब तो हद हो गया, भाजपा अपनी कमीशन की भूख मिटाने श्रमिको के भोजन की आड़ में घोटाला कर रही है। अन्न योजना की टेंडर निरस्त किया जाये। इसकी उच्चस्तरीय जांच हो इस प्रकार से भ्रष्टाचार की षड़यँत्र रचने वालो पर कड़ी कार्यवाही हो।