रायपुर। सुशासन तिहार के मंच से अधिकारियों को सार्वजनिक फटकार लगाये जाने की घटना को अनुचित करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा सुशासन नाम से भाजपा सरकार के मंत्री ,विधायक सांसद मंच से सिर्फ रील बाजी कर राजनीतिक प्रोपोगंडा कर रहे है। सार्वजनिक तौर पर अधिकारियों कर्मचारियों की शिकायत पर फटकार लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो शेयर कर वाहवाही लूटने की कोशिश कर रहे है।ये भूल जाते है जिस अधिकारी कर्मचारी से ये सार्वजनिक दुर्व्यवहार कर रहे है उनका भी परिवार समाज है छोटे छोटे बच्चे,वृद्ध मातापिता है उनकी अपनी प्रतिष्ठा है जो इस प्रकार के वीडियो से खराब होती है परिवार में मानसिक तनाव बढ़ता है।परिजन भयभीत हो जातखराब ।सोशल मीडिया में ट्रोल कर उपहास उड़ाया जाता है जिसके कई बार गम्भीर परिणाम सामने है।अधिकारीयो के खिलाफ आम लोगो का नजरिया बदलता है वैमनस्यता बढ़ता है परिजन शर्मिंदगी महसूस करते है।अगर अधिकारी कर्मचारी ठीक काम नही कर रहे है रिश्वतखोरी की शिकायत आ रही है तो विधिवत विभागीय कार्यवाही होनी चाहिए। ये न्याय संगत है।सार्वजनिक फटकार लगाने का अधिकार किसी को थोड़ी न है।असल मे भाजपा सरकार ने प्रशानिक नियंत्रण खो दिया है ढाई साल की सरकार में जनता छोटे छोटे सरकारी कामो के लिए दर दर भटक रहे है इसके लिये तो सरकार जिम्मेदार है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार के कार्यप्रणाली पर सरकार के मंत्री, सांसद विधायक अगर सवाल उठा रहे है।तहसीदार ,पटवारी,राजस्व अधिकारी,थानेदार,आबकारी विभाग,बिजली विभाग,सहित अन्य विभागों को लेकर जनता शिकायत कर रही है तो जिम्मेदार कौन है?सरकार कौन चला रहा है सरकार आखिर जनता की समस्याओं का निराकरण क्यो नही कर पा रही है।सिर्फ रील बनाने अधिकारियो को फटकारने से क्या जनता की समस्याओं का अंत हो जाएगा।जनता की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्यवाही हो।लेकिन अधिकारियों कर्मचारियों को सार्वजनिक फटकार लगाना गलत है।जब सरकार ही जनता की आवाज सुन नही रही है तो अधिकारी कर्मचारियों पर दोष मढ़ के कब तक अपनी असफलता भाजपा सरकार के नुमाइंदे छुपायेगे।सुशासन तिहार सिर्फ ढकोसला बन गया है जहाँ जनता के सवालों का जवाब देने की स्थिति में जिम्मेदार नही है।