0 बैंकिंग सुरक्षा और क्लीन नोट पॉलिसी पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
0 बस्तर संभाग में बैंकिंग सुरक्षा को नई मजबूती, आरबीआई ने सिखाई नकली नोट पहचान तकनीक
0 अब काउंटर पर ही पकड़े जाएंगे नकली नोट : बस्तर संभाग के शाखा प्रबंधकों एवं कैशियरों को एफआईसीएन, क्लीन नोट पॉलिसी और सुरक्षा मानकों की दी विस्तृत जानकारी
जगदलपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर द्वारा बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों ने बस्तर संभाग के सातों जिलों में संचालित शाखाओं के शाखा प्रबंधकों एवं कैशियरों को नकली नोटों की पहचान, क्लीन नोट पॉलिसी, सुरक्षा मानकों एवं तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

शनिवार को कांकेर, कोंडागांव एवं नारायणपुर जिले की शाखाओं के लिए तथा रविवार को बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिले की शाखाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जगदलपुर के सभा कक्ष में यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय से आए प्रबंधक मंगेश मेश्राम एवं सहायक प्रबंधक प्रफुल तायड़े द्वारा मुख्य प्रशिक्षक के रूप में बैंक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शाखा प्रबंधकों (Branch Managers) एवं कैशियर कार्य से जुड़े कर्मचारियों को नकली भारतीय मुद्रा नोट (FICN – Fake Indian Currency Notes), अत्यधिक गंदे अथवा अनुपयोगी नोटों तथा कटे-फटे नोटों के संबंध में आवश्यक सुरक्षा मानकों एवं तकनीकी जानकारी से अवगत कराना था।
प्रशिक्षण के दौरान आरबीआई अधिकारियों द्वारा नोटों के सुरक्षा मानकों की पहचान करने की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे काउंटर स्तर पर ही नकली नोटों की पहचान कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि रिजर्व बैंक का मुख्य उद्देश्य नकली नोटों के प्रचलन को रोकना एवं सुरक्षित बैंकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
इसके अतिरिक्त “क्लीन नोट पॉलिसी” के अंतर्गत अत्यधिक गंदे अथवा अनुपयोगी हो चुके नोटों को करेंसी चेस्ट (Chest Bank) में जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि जिन नोटों को किसी कारणवश चेस्ट बैंक में जमा नहीं किया जा सकता, उन्हें सीधे आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में भी जमा कराया जा सकता है।
प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बैंक कर्मचारियों से उनके अनुभव एवं समस्याओं की जानकारी लेकर समाधान संबंधी दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को बैंकिंग सुरक्षा, नकली नोटों की रोकथाम तथा दैनिक बैंकिंग कार्यों की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताया।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के. एस. धुव, अतिरिक्त प्रबंधक एस. ए. रज़ा, मुख्य लेखापाल गौरव शर्मा, सीबीएस नोडल अधिकारी गुलशेर मोहम्मद, तकनीकी अधिकारी आसिफ खान, स्थापना प्रभारी संजय पाण्डेय, नोडल अधिकारी मनोज वानखेड़े सहित संभागांतर्गत समस्त शाखाओं के शाखा प्रबंधक एवं कैशियर उपस्थित रहे।