रायपुर। तिल्दा नगर पालिका में गरीब, जरूरतमंद लोगों के उपयोग के लिए बनाएं गए “आश्रय स्थल” को 21 हजार रुपए महीने किराए पर व्यापारियों को दिया जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार का लक्ष्य केवल मुनाफाखोरी है। कमीशनखोरी के लालच में जन सुविधाओं के लिए किए गए निर्माण को भी व्यावसायिक उपयोग के लिए अपने चहेतों को नियम विरुद्ध तरीके से दिया जा रहा है। यह पहली बार नहीं है, पहले भी अंबिकापुर में संचालित सी मार्ट के भवन में प्रीमियम दारू दुकान खोलें, घुमका के गौठान और संडी के शमशान में शराब दुकान खोले गए अब तिल्दा नगर पालिका में गरीबों के आश्रय स्थल में दुकानें खुलवा दी गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि शासन की आश्रय स्थलों के निर्माण और संचालन की यह योजना किसी निजी किराएदारी या व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं बनाई गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के लिए पैसों का लेनदेन करके इसे व्यापारियों को दे दिया गया है। जनता के पैसों से निर्मित जरूरतमंदों की सुविधा के लिए बनाए गए आश्रय स्थल को इस तरह से व्यावसायिक उपयोग के लिए सौंपना न केवल नियम विरुद्ध है बल्कि अनैतिक भी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी संपत्तियों के खुलेआम दुरुपयोग पर सत्ता और प्रशासन का मौन, संगठित लूट और आर्थिक अपराध का प्रमाण है। प्रतीत होता है कि भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधि सरकारी संपत्तियों को निजी प्रॉपर्टी मान चुके हैं। सरकारी भवनों और जन सुविधा केंद्रों की चाबी भी भाजपा नेताओं के कब्जे में है, कोई आम नागरिक छोटी गलती करता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन रसूखदार लोगों से जुड़े मामलों में प्रशासन मौन नजर आ रहा है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार आँखे मूंदे बैठे हैं।