भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक ताकत दिखाने की तैयारी, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से कैट प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक मंचों में शामिल “भारतीय व्यापार महोत्सव 2026” को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, महामंत्री अवनीत सिंह, कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से सौजन्य मुलाकात की और आयोजन में प्रदेश की भागीदारी को लेकर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह महोत्सव 12 से 15 अगस्त तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जिसे देश का सबसे बड़ा व्यापार मेला माना जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, इस्पात एवं एल्युमिनियम आधारित उद्योगों सहित “वोकल फॉर लोकल” उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की योजना पर चर्चा की गई।

बैठक में CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी सहित छत्तीसगढ़ इकाई के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि यह महोत्सव प्रदेश के उद्यमियों, व्यापारियों और उत्पादकों के लिए देशभर के बाजार, निवेशकों और व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ने का बड़ा अवसर साबित होगा।

चर्चा के दौरान विशेष रूप से सरगुजा, बस्तर और औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी पर जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन क्षेत्रों के स्वदेशी उत्पाद, पारंपरिक कला और हस्तशिल्प इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा बैठक में राज्य में उद्योग विस्तार, रोजगार सृजन, स्थानीय उत्पादों के विपणन, निर्यात संभावनाओं और आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ के उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार महोत्सव में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

इस अवसर पर कैट के प्रतिनिधियों के साथ अमर पारवानी, परमानंद जैन, सुरेंद्र सिंह, अवनीत सिंह, राकेश ओचवानी, निलेश मुंडड़ा और सर्वेश दौलतानी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक ताकत दिखाने की तैयारी, कैट प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री से की मुलाकात

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक मंचों में शामिल “भारतीय व्यापार महोत्सव 2026” को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से सौजन्य मुलाकात कर आयोजन में राज्य की भागीदारी को लेकर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल में CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन सुरिंदर सिंह एवं जीवत बजाज, महामंत्री अवनीत सिंह, कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी सहित वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी और शंकर बजाज शामिल थे।

बैठक में बताया गया कि यह महोत्सव 12 से 15 अगस्त तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जिसे देश का सबसे बड़ा व्यापार मेला माना जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, तथा इस्पात एवं एल्युमिनियम आधारित उद्योगों सहित “वोकल फॉर लोकल” उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की योजना है।

प्रतिनिधियों ने कहा कि यह महोत्सव प्रदेश के उद्यमियों, व्यापारियों और उत्पादकों के लिए देशभर के बाजार, निवेशकों और व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ने का एक बड़ा अवसर साबित होगा।

बैठक में विशेष रूप से सरगुजा और बस्तर सहित औद्योगिक क्षेत्रों के स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी पर जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन क्षेत्रों के स्वदेशी उत्पाद, पारंपरिक कला और हस्तशिल्प इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा राज्य में उद्योग विस्तार, रोजगार सृजन, स्थानीय उत्पादों के विपणन, निर्यात संभावनाओं और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ के उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार महोत्सव में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

इस अवसर पर CAIT के प्रतिनिधियों के साथ अमर पारवानी, परमानंद जैन, सुरिंदर सिंह, अवनीत सिंह, राकेश ओचवानी, निलेश मुंडड़ा और सर्वेश दौलतानी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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