रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। टर्फ लाइन और साइक्लोनिक सर्क्युलेशन के प्रभाव से आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
रायपुर में सुबह से बारिश
राजधानी रायपुर में सुबह करीब 8 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बादलों की गड़गड़ाहट और ठंडी हवाओं ने पूरे माहौल को सुहावना बना दिया। कई इलाकों में मानसून जैसी बारिश देखने को मिली।
अन्य जिलों में नुकसान
- बलौदाबाजार: देर रात आए आंधी-तूफान ने तबाही मचाई। तेज हवाओं से कई बड़े पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। नगरपालिका की टीमें पेड़ हटाने में जुटी हुई हैं। कई जगह बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
- महासमुंद: पिथौरा क्षेत्र में सुबह से तेज गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। गांवों की गलियां पानी से भर गईं और कई इलाकों में बिजली गुल रही।
- रायगढ़ और धमतरी: सुबह से बादल छाए रहे और तेज बारिश हुई। हवाओं से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई।
- बिलासपुर: अंधड़ और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा और सरगुजा सहित कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवाएं (40-60 किमी प्रति घंटे) और भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों — सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कांकेर, गरियाबंद और बालोद में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। सावधानी की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, खुले में न निकलें, पेड़ों के नीचे न रुकें और बिजली गिरने के खतरे से बचें।