
बकावंड। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर विकासखंड बकावंड में चलाया जा रहा “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम अब ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत ऐसे लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, जो अब तक किसी कारणवश वंचित रह गए थे।
प्रशासन द्वारा एनसीएईआर सर्वेक्षण के आधार पर चिन्हित हितग्राहियों तक योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में मौके पर ही योजना पंजीकरण, समस्याओं का त्वरित समाधान सभी विभागों की उपस्थिति में किया जा रहा है। 1 मई को तीन पंचायतों में बड़े कैंप लगाए गए। ग्राम पंचायत मैलबेड़ा, मोखागांव और चोकनार में 1 मई को विशेष शिविर लगाए गए। प्रशासन ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर हर विभाग की जिम्मेदारी तय कर दी है।
कैंप में कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति में समस्याओं का समाधान किया गया और योजनाओं के लिए पात्र हितग्राहियों की सूची बनाकर फार्म भरवाए गए।मैलबेड़ा के शिविर में पंचायत सचिव प्रभुनाथ बघेल एवं पटवारी रोहित बघेल ने, मोखागांव में सचिव धरम नाग ने और चोकनार में रेवती कश्यप ने हैंडपंप सुधार, स्वास्थ्य जांच, आधार अपडेट, योजनाओं में पंजीकरण आदि कार्य पूर्ण कराए।