
० 5 माह से दांत दर्द से परेशान केतकी सेठी के होठों पर लौटी मुस्कान
जगदलपुर। बस्तर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल से चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी सफलता की खबर सामने आई है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने एक ग्रामीण महिला को लंबे समय से चली आ रही गंभीर पीड़ा से निजात दिलाई है। ग्राम बड़े आरापुर की निवासी केतकी सेठी पिछले 5 महीनों से दांतों के असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने कई स्थानीय उपचारों का सहारा लिया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पा रही थी।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ ऋषभ साव ने बताया कि अंततः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल पहुंचने पर चिकित्सा अधिकारी (दंत) डॉ. अश्लेषा तिवारी ने गहन परीक्षण के बाद पाया कि मरीज के निचले जबड़े का अंतिम दाढ़ (मेसियोएंगुलर इम्पैक्टेड 38 मोलर) हड्डी के भीतर टेढ़ा फंसा हुआ था। इस तरह की स्थिति में दांत पूरी तरह बाहर नहीं आ पाता और वह अगले दांतों के साथ-साथ जबड़े की हड्डी पर भी दबाव बनाता है, जिसके कारण केतकी सेठी पिछले कई महीनों से न तो ठीक से भोजन कर पा रही थीं और न ही चैन की नींद सो पा रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्जिकल डिसइम्पेक्शंस और बक्कल पैड करेक्शन का निर्णय लिया। इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. अश्लेषा तिवारी ने अपनी टीम, जिसमें सहायक सुबन नाग और सिस्टर कल्पना शामिल थीं, के साथ मिलकर अत्यंत कुशलतापूर्वक संपन्न किया। सर्जरी के माध्यम से न केवल टेढ़े फंसे दांत को निकाला गया, बल्कि आसपास के ऊतकों का सुधार भी किया गया ताकि घाव जल्दी भर सके। इस सर्जरी के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद मरीज केतकी सेठी ने राहत की सांस ली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल में इस स्तर की विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अब बड़े निजी अस्पतालों के महंगे इलाज पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। 5 माह के लंबे दर्द के सफर के बाद केतकी को मिली इस मुस्कान के लिए उन्होंने और उनके परिजनों ने डॉ. अश्लेषा तिवारी तथा पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया है। अस्पताल प्रशासन ने भी टीम के इस समर्पित कार्य की सराहना करते हुए इसे संस्थान के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।