बस्तर के चुनिंदा स्कूलों में आधुनिक कम्प्यूटर एवं डिजीटल शिक्षा की पहल

० जर्मनी की संस्था ने मुहैया कराए डिजीटल गैजेट्स 
जगदलपुर। बस्तर में आधुनिक शिक्षा और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। जर्मनी की संस्था “लेबडू” के सहयोग से बस्तर के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों के लिए सामुदायिक स्तर पर लैपटॉप, किंडल एवं एंड्रॉयड फ़ोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही कंप्यूटर एवं आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है।
हाल ही में बस्तर ट्राइबल होमस्टे में पधारे जर्मनी के पर्यटक श्री तोबी ने बस्तर की सांस्कृतिक विविधता एवं स्थानीय जीवनशैली की सराहना की। उन्होंने अपनी संस्था “लेबडू” के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में निःशुल्क लैपटॉप, किंडल एवं एंड्रॉयड फोन उपलब्ध कराने की पहल की है, ताकि गांवों में रहने वाले बच्चे भी शहरी बच्चों की तरह आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल उपकरणों की मदद से ज्ञान प्राप्त कर सकें। बस्तर ट्राइबल होमस्टे के संचालक शकील रिजवी एवं सुरुज ट्रस्ट की ट्रस्टी ने बताया कि यह ट्रस्ट बस्तर क्षेत्र में संस्कृति, कला और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है एवं स्थानीय दानदाताओं के सहयोग से कुपोषण से ग्रसित बच्चों एवं दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु पहले से ही कार्य कर रहा है। वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए अब संस्था आधुनिक शिक्षा एवं डिजीटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले समय में बस्तर के बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मांझीगुड़ा, बड़े कवाली, पराली बोदल, छोटे कवाली, चित्तलगुर, गुड़ियापदर के स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों में शिक्षकों के सहयोग से संस्था यह कार्यक्रम प्रारंभ करेगी। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मांझीगुड़ा के प्रभारी महेश कुमार सेठिया ने बताया कि उनका स्कूल अभी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है। राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार, उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। शिक्षकों के व्यक्तिगत सहयोग एवं राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान अध्यापक पीजी राव स्कूल में नित नए प्रयोग करते आए हैं। अब अगर यह प्रोजेक्ट आरंभ होता है तो निश्चित रूप से ग्रामीण अंचल के बच्चे अपना सर्वश्रेष्ठ परफॉरमेंस दे पाएंगे एवं आधुनिक कम्प्यूटर शिक्षा से छात्र-छात्राओ को लाभ प्राप्त होगा।

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