मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ली कलेक्टर-डीएफओ कॉन्फ्रेंस, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 15 दिन में भुगतान के निर्देश — नशा और साइबर अपराध पर सख्त रुख

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में कलेक्टर और डीएफओ कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने वन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए तेंदूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संग्राहकों को 7 से 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाए और यह प्रक्रिया बैंक खातों के माध्यम से पारदर्शी ढंग से पूरी हो। साथ ही भुगतान की जानकारी SMS के जरिए संग्राहकों के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 15 लाख 60 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब तक ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने की दिशा में काम शुरू किया जाए, ताकि पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़े। मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में पिछले सीजन में हुए संग्रहण की समीक्षा की और आगामी सीजन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव, कलेक्टर और वनमंडलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इससे पहले मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून व्यवस्था, नशा नियंत्रण और साइबर अपराध की स्थिति की समीक्षा की। सीएम ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे से अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए अंतरराज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई जाए और PIT NDPS Act के तहत त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने को कहा।

बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, महिला और बालिकाओं से जुड़े अपराधों और साइबर क्राइम की भी गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो और निर्धारित समयावधि में चालान पेश किया जाए।

साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए सीएम साय ने कहा कि “साइबर क्राइम के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए।” उन्होंने अंतर्विभागीय समन्वय के साथ साइबर जागरूकता अभियान चलाने और साइबर हेल्पलाइन नंबर के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 5 साइबर थाने वर्तमान में संचालित हैं और शीघ्र ही 9 नए थाने शुरू किए जाएंगे। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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