हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है बस्तर दशहरा : सांसद महेश कश्यप

0 डेरा गड़ाई रस्म के दौरान दशहरा समिति अध्यक्ष महेश कश्यप ने की आराधना 

जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की परंपरागत दूसरी प्रमुख रस्म डेरी गड़ाई आज जगदलपुर स्थित सिरहासार भवन में पूरे धार्मिक उत्साह और रीति-नीति के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने भी विशेष रूप से सम्मिलित होकर देवी मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा अर्पित की।
डेरी गड़ाई रस्म के अंतर्गत बिरिंगपाल गांव से लाई गई पवित्र साल की टहनियों को मंत्रोच्चार, परंपरागत वाद्य यंत्रों और विधि-विधानपूर्वक गाड़ा गया। इसी के साथ मां दंतेश्वरी की रथ परिक्रमा हेतु नए रथ निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा बस्तर दशहरा हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। डेरी गड़ाई रस्म केवल रथ निर्माण की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह बस्तर की परंपराओं और सामुदायिक एकता का संदेश भी देती है। हमें गर्व है कि यह अनोखा पर्व पूरे विश्व में बस्तर की पहचान बनाये हुए है। रस्म के दौरान महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा निभाई, जिसने वातावरण को उल्लासमय बना दिया। वहीं झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के पारंपरिक कारीगर रथ निर्माण कार्य करेंगे। यह रथ पूर्णतः पारंपरिक तकनीकों से तैयार होगा और बस्तर दशहरा की शोभा यात्रा में मां दंतेश्वरी के रथारूढ़ होने पर उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्य मांझी- चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

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