रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की जांच के चलते सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इसी बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट शनिवार को रायपुर पहुंचे और सेंट्रल जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल तथा पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात कर सियासी संदेश देने की कोशिश की।
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा, “चैतन्य बघेल ने पूरी मजबूती के साथ कहा है कि चाहे जो भी हो, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। हम पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि कवासी लखमा की तबीयत ठीक नहीं है और जेल प्रशासन को उनके स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। पायलट ने ईडी की कार्रवाई को केंद्र सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की रणनीति बताया। उन्होंने कहा, “एजेंसियों के जरिए कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश हो रही है ताकि वे आवाज न उठाएं। लेकिन कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है। सचिन पायलट ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, “बीजेपी जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। लेकिन कांग्रेस अपने हर कार्यकर्ता के साथ खड़ी है और यह लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।”
सेंट्रल जेल से निकलने के बाद सचिन पायलट कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचे, जहां उन्होंने संगठनात्मक मुद्दों पर पार्टी नेताओं से चर्चा की। बैठक में सह-प्रभारी विजय जांगिड़, जरीता लैतफलांग, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और शिव डहरिया सहित कई नेता शामिल हुए।
हालांकि, इस अहम बैठक से नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अनुपस्थिति को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि दीपक बैज बस्तर दौरे पर हैं और उन्हें पायलट के दौरे की जानकारी देर से मिली, जिस कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सके।