0 जानबूझकर रायपुर के महंगे रिसॉर्ट में रखा गया है साक्षात्कार
0 खामोश क्यों हैं सांसद और विधायक : मौर्य
0 बस्तर के बेरोजगारों से खुलेआम छल है यह
जगदलपुर। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने नगरनार इस्पात संयंत्र में निकली 900 से अधिक भर्तियों में स्थानीय बेरोजगारों के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया है। सुशील ने दावा किया है कि इस्पात संयंत्र में निकली 900 से अधिक विभिन्न पदों पर भर्तियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की बजाय आउटसोर्सिंग कर अन्य राज्यों के लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। यह बस्तर के बेरोजगारों के साथ अन्याय है और इसके लिए साक्षात्कार राजधानी रायपुर के एक ऐसे रिसार्ट में रखा गया है जिसका नाम सुनकर ही बस्तर के गरीब युवा साक्षात्कार में नहीं जा पाएं।
कांग्रेस नेता सुशील मौर्य ने कहा है कि प्रबंधन आउटसोर्सिंग कर बाहरी लोगों को नौकरी में बैठा पाए और इस अन्याय को होता देखकर भी सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव मुंह में दही जमाए बैठे हैं। और ऐसा प्रतीत होता है कि एक तरह से बाहरी लोगों को रोजगार दिलाने का ठेका स्वयं स्थानीय सांसद और विधायक ने ले लिया है।सुशील मौर्य ने कहा है कि एनएमडीसी नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन बस्तर के बेरोजगार युवाओं के साथ छल कर रहा है। बस्तर के बेरोजगार युवाओं का हक छीनने और बाहरी लोगों की भर्ती करने यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है। डबल इंजन की भाजपा सरकार का इस षड्यंत्र में पर्दे के पीछे से पूरा समर्थन है। आज बस्तर की जनता के सामने बस्तर के बेरोजगार युवाओं के भविष्य को लेकर मोदी और विष्णु सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है सामने आ गया है। चुनाव के दौरान अमित शाह से लेकर किरण देव तक नगरनार इस्पात संयंत्र में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का झूठा आश्वासन देकर वोट तो बटोर लेते हैं और सत्ता में काबिज भी हो जाते हैं परंतु सरकार में आते ही बस्तर के बेरोजगार युवाओं के रोजगार का सौदा बाहरी लोगों से करने का कृत्य भी करने से बाज नहीं आते। जिसके चलते आज बस्तर के युवा नगरनार इस्पात संयंत्र में निकली 900 से अधिक भर्तियों में खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने सीधे तौर पर नगरनार इस्पात संयंत्र प्रबंधन से कहा है कि बस्तर के युवाओं को छलने की बजाय उन्हें उनका अधिकार देने का काम करे, साक्षात्कार बस्तर संभाग मुख्यालय में आयोजित करे और आउटसोर्सिंग के माध्यम से बाहरी लोगों को रोजगार देना बंद करे।अन्यथा कांग्रेस पार्टी के भारी विरोध के लिए तैयार रहे।