
० ग्रामीण क्षेत्रों में गहराया पेयजल संकट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही पर विधायक बघेल का तीखा रुख
जगदलपुर। बस्तर जिले के ग्रामीण अंचलों में भीषण पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इस गंभीर स्थिति के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनदेखी, उदासीनता और लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों में अनियमितता, गड़बड़ी और तकनीकी लापरवाही की तमाम शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस स्थिति से क्षुब्ध होकर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने घोषणा की है कि यदि शासन और संबंधित विभाग ने समय रहते स्थिति की गंभीरता को नहीं समझा, तो वे 2 जुलाई 2025 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
विधायक बघेल ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की ओर राज्य सरकार से लेकर विभागीय अधिकारियों तक का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए लगातार पत्राचार किया है। सैकड़ों ग्रामीणों के साथ ज्ञापन भी सौंपा गया है, परंतु इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं की गई। उन्होंने विभाग पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।”
जल जीवन मिशन में लापरवाही, सूखा प्रभावित गांवों में नहीं दिख रही जल आपूर्ति
ग्रामीण अंचलों में जल संकट दिन-प्रतिदिन विकराल रूप लेता जा रहा है। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी न तो बोर खनन की कार्रवाई की गई है और न ही वैकल्पिक जल स्रोतों की स्थापना हुई है। विभाग को बार-बार अवगत कराने के बावजूद कार्य निष्क्रिय है।
जल जीवन मिशन के तहत सरकार द्वारा ‘हर घर नल-जल’ पहुंचाने का जो वादा किया गया था, वह अब तक केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है। जिन क्षेत्रों में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है, वहां आज भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
इस जल संकट का असर न केवल ग्रामीणों की दिनचर्या पर पड़ रहा है, बल्कि इससे उनके स्वास्थ्य और आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विधायक बघेल ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन जन आंदोलन का रूप ले सकता है।