जुलाई तक शून्य करना होगा बस्तर के सभी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर

0 प्रकृति के रखवाले बनेंगे विद्यार्थी; रोपेंगे पौधे, करेंगे देखभाल भी 

0 कलेक्टर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्राचार्यों और बीईओ को दिए निर्देश 

0 मौजूद रहे जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल भी

जगदलपुर। बस्तर कलेक्टर हरिस एस ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और स्कूलों के प्राचार्यों को शिक्षण संस्थानों और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्कूलों में पंजीकृत बच्चों और शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के को कहा। साथ ही कलेक्टर ने ड्राप आउट दर को जुलाई माह तक शून्य करने, विद्यार्थियों को गणवेश वितरण, पुस्तक वितरण, सायकिल वितरण कार्य को जुलाई माह तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला भवन की प्रतिदिन साफ सफाई और शौचालय हेतु रनिंग वाटर की सुविधा भी सुनिश्चित करने कहा। स्कूल में बच्चों को सिलेबस के आधार पर पढ़ाई करवाने की योजना बनाएं, टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करवाई जाए और पीटी परेड, खेलकूद का समय पर खेल सामग्रियों का उपयोग किया जाए। दसवीं और बारहवीं में बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए विद्यार्थियों को अभी से प्रयास करवाएं ताकि कक्षा के अधिकांश बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो। सभी स्कूलों में समय पर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें । एकल शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षक के अवकाश में रहने की स्थिति में अन्य शिक्षक की व्यवस्था भी रखें। इसके अलावा कलेक्टर ने कहा कि स्कूल भवन मरम्मत की आवश्यकता की जानकारी दें और भवन का रख रखाव भी बेहतर हो। जिले के सभी स्कूलों में छात्रों के जाति प्रमाण पत्र की स्थिति की जानकारी दो सप्ताह में देने के निर्देश दिए और फिजिकल जारी प्रमाण पत्र को ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र में परिवर्तित करवाने भी कहा। कक्षा पहली में दर्ज विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण को संधारित कर रखें साथ ही सभी का जाति प्रमाणपत्र शत-प्रतिशत बनवाने कहा। कलेक्टर ने अपार आईडी में पंजीयन की स्थिति का भी संज्ञान लिया। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम पर जिले में लगभग एक लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विद्यार्थियों से पौधारोपण करवाकर उन्हें पौधों को संरक्षित करने के लिए जिम्मेदारी दी जाए। पौधरोपण के लिए स्थानीय वैरायटी के पौधे को चयन करें और उद्यानिकी व वन विभाग से आवश्यकता अनुसार पौधे प्राप्त करें। इस दौरान एनआईसी कक्ष में जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, डीएमसी अखिलेश मिश्र, एपीसी राकेश खापर्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

शत प्रतिशत प्रवेश का लक्ष्य
कलेक्टर ने बच्चों का शत-प्रतिशत शाला में प्रवेश सुनिश्चित करना (बालवाड़ी, कक्षा पहली, 6वी, 9वी एवं 11वीं कक्षा में प्रवेश)। गणवेश वितरण एव उससे संबंधित समस्त दस्तावेज शाला, विकासखंड स्तर पर सधारित करना है। शाला भवन एवं आसपास के परिसर को स्वच्छ रखते हुए बच्चों की बैठक व्यवस्था अच्छी बनाएं। बच्चों के लिए शौचालयों का उपयोग सुव्यवस्थित हो, शौचालयों में साफ-सफाई हो एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चत करें। शाला में शिक्षण अवधि को सुव्यवस्थित करते हुए आवश्यकता आधारित समय चक्र बनाएं एवं उसका पालन करें। शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए शैक्षिक एवं अन्य शालेय गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर तैयार कर एवं उसका पालन करें।प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों का विद्यार्थी सूचकांक अनिवार्यतः बनवाएं। विनोबा एप का दैनिक उपयोग सुनिश्चित करे, अभ्यस्त हो जाएं एवं आपस में शैक्षिक गतिविधियों का आदान- प्रदान को बढावा दें। शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए जिले का लक्ष्य शत-प्रतिशत प्रवेश एवं उपस्थिति दिनों की संख्या बढ़ाना है। इसके लिए सतत प्रयासरत रहें।

हर माह होगा मूल्यांकन
बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता का मासिक मूल्यांकन करें एवं सतत मॉनिटरिंग करते हुए विद्यार्थी सूचकांक लक्ष्य को पूर्ण करें। कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वी में अध्ययनरत छात्रों में से 80 प्रतिशत छात्रों को परीक्षा परिणाम में बेहतर प्रदर्शन (60 प्रतिशत प्राप्तांक) के लिए योजनाबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। मिशन 200 के तहत जिले के 10वीं एव 12वीं के अध्ययनरत छात्रों में से 200 विद्यार्थियों को 93 प्रतिशत से अधिक प्राप्तांक का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन कार्य करना एवं योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य प्राप्ति के लिए संकल्पित रहना है।

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