
रायपुर। शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन बैठक संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश भर से जिला, ब्लॉक एवं संकुल संचालक शामिल हुए। बैठक में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। मंच ने युक्तियुक्तकरण में व्यापक भ्रष्टाचार, शिक्षकों के साथ अन्याय और प्रशासनिक मनमानी के आरोप लगाए हैं।
शिक्षक साझा मंच के प्रदेश संचालकों मनीष मिश्रा, केदार जैन, संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि काउंसलिंग प्रक्रिया पुलिस बल के साये में दबावपूर्वक कराई गई, वरिष्ठ शिक्षकों को जानबूझकर ‘अतिशेष’ घोषित किया गया और रिक्त पदों की जानकारी तक साझा नहीं की गई। मंच ने इसे संगठित भ्रष्टाचार करार दिया है।
प्रदेशभर के 146 विकासखंडों और 33 जिला शिक्षा कार्यालयों में युक्तियुक्तकरण के दौरान हुई गड़बड़ियों और अनियमितताओं को उजागर करने के लिए मंच ने पाँच सदस्यीय टेक्निकल टीम का गठन किया है, जिसमें कृष्ण कुमार नवरंग, गिरिजाशंकर शुक्ला, बसंत चतुर्वेदी, चंद्रशेखर तिवारी और ईश्वर चंद्राकर शामिल हैं। यह टीम संबंधित ब्लॉकों से साक्ष्य जुटाकर दस्तावेजीकरण करेगी।
आगामी आंदोलन की रूपरेखा:
7 जून: राजधानी रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर दस्तावेजों सहित भ्रष्टाचार का खुलासा।
10 जून: सभी 33 जिला मुख्यालयों में धरना, रैली एवं कलेक्टर को ज्ञापन।
13 जून: प्रदेश के पांचों संभागों में संभागीय कमिश्नर और संयुक्त संचालक (शिक्षा) को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
16 जून: शाला प्रवेश उत्सव का बहिष्कार किया जाएगा।
मंच ने 2008 के सेटअप की बहाली, युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को रद्द करने और दोषी डीईओ एवं बीईओ के निलंबन की मांग की है। मंच का दावा है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और चरणबद्ध रहेगा, लेकिन शिक्षक समुदाय के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।