बस्तर के 1524 स्कूलों में गूंजेगी बच्चों की अपनी भाषा

0 नींव बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के तहत 76 स्रोत समूह सदस्यों को दिया गया प्रशिक्षण 
जगदलपुर। नींव बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम के तहत अकादमिक सत्र 2026–27 में शिक्षक प्रशिक्षण की तैयारी के लिए जिला, विकासखंड स्रोत समूहों का छह दिवसीय प्रशिक्षण 17 से 22 अगस्त तक संपन्न हुआ। बस्तर जिले के सातों विकासखंडों के 1 हजार 524 विद्यालयों में हल्बी, भतरी और गोंडी भाषायी पृष्ठभूमि वाले बच्चों के शिक्षकों के आगामी प्रशिक्षण की तैयारी इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य रहा।
कार्यशाला में 76 स्रोत समूह सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के प्रशिक्षकों सुभाषचंद्र, अंजलि तिवारी, भारत साहू, उत्तम साहू एवं टार्जन साहू ने बहुभाषी शिक्षा पर लिट्रेसी और न्यूमेरेसी के सत्र संचालित किए। कार्यशाला में बच्चों के घर की भाषा, परिवेशीय ज्ञान और विद्यालयीन भाषा के बीच सेतु बनाने पर जोर दिया गया। एससीईआरटी के अतिरिक्त निदेशक जयप्रकाश रथ एवं पद्मश्री डॉ. महेंद्र मिश्रा, बस्तर डाईट प्राचार्य नितिन दंडसेना, सहायक प्राध्यापक डॉ. स्टेनली जॉन ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया।
नींव बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम बस्तर एससीईआरटी एवं समग्र शिक्षा, रायपुर के माध्यम से फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग और टाटा ट्रस्ट के वित्तीय सहयोग से संचालित है।