० छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की कांग्रेस को खरी-खरी : नक्सलवाद को ‘विचारधारा’ बताकर मासूमों के खून-खराबे पर पर्दा डालना बंद करे कांग्रेस
० प्रदेश सरकार के निर्णायक अभियानों पर सवाल उठाने से पहले अपने पाँच साल के भ्रष्टाचार और विफलताओं का हिसाब दें : जायसवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘दिमागी नक्सली’ से सचेत रहने की अपील और केन्द्र सरकार की सटीक रणनीति व प्रदेश सरकार के सक्रिय क्रियान्वयन से नक्सलियों के खात्मे पर कांग्रेस नेताओं के प्रलाप पर तंज कसा है। श्री जायसवाल ने कहा कि जब-जब सुरक्षाबल और प्रदेश की भाजपा सरकार नक्सलियों की कमर तोड़ते हैं, तब-तब कांग्रेस नेताओं का नक्सलियों के प्रति ‘विचारधारा प्रेम’ जाग उठता है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि नक्सलवाद को ‘विचारधारा’ कहकर कांग्रेस के लोग असल में नक्सलियों की खूनी वारदातों, निर्दोष आदिवासियों की हत्याओं और जवानों के बलिदान को जायज ठहराने की हास्यास्पद कोशिश कर रहे हैं। जिस खूनी रास्ते ने बस्तर को दशकों तक अंधकार में धकेला, उसे विचार बताकर और खुद के दिमागी नक्सली होने पर गर्व जताकर कांग्रेस नेता अपनी वही पुरानी नक्सल-समर्थक मानसिकता प्रदर्शित कर रहे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सटीक रणनीति और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में सुरक्षाबल अब इस हिंसा को जड़ से उखाड़ रहे हैं, जिससे कांग्रेस में घबराहट साफ दिख रही है। श्री जायसवाल ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म मानने को दिमागी कमजोरी कहकर कांग्रेस नेता सीधे तौर पर हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान का अपमान कर रहे हैं। भाजपा सरकार ने कभी यह नहीं कहा कि हम आँख मूंदकर बैठ गए हैं; बल्कि हमारी सरकार ‘गोली का जवाब गोली और विकास का जवाब विकास’ की नीति पर चलकर लगातार अग्रिम मोर्चे पर लड़ रही है। श्री जायसवाल ने कहा कि जिस बस्तर में कभी कांग्रेस राज में डर का साया था, वहाँ आज नियद नेल्लानार योजना से सड़क, बिजली, स्कूल और अस्पताल पहुँच रहे हैं। जवानों की सफलता पर गर्व करने के बजाय उनके मनोबल पर चोट करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री जायसवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार के परफॉर्मेंस पर की जा रही कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसियों को अपनी पिछली सरकार का रिपोर्ट कार्ड देखने की आदत डालनी चाहिए। प्रदेश की साय-सरकार जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह, जमीनी स्तर से जुड़ा और अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन कर रही है। जनता यह भूली नहीं है कि कांग्रेस के पाँच वर्षों के शासन में किस तरह राज्य को घोटालों, भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बना दिया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, भयमुक्त और विकसित बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। कांग्रेस के इस तरह के नकारात्मक और दिशाहीन बयानों से सरकार और जवानों के हौसले डिगने वाले नहीं हैं।