बारिश में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की पोल खुल रही है, नवनिर्मित पुल, पुलिया सड़के ही नहीं इस सरकार के भ्रष्टाचार के सबूत बह रहे हैं – दीपक बैज

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बारिश में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की पोल खुल रही है, नवनिर्मित पुल, पुलिया सड़के ही नहीं इस सरकार के भ्रष्टाचार के सबूत बह रहे हैं। राजनांदगांव, सूरजपुर, मुंगेली, गरियाबंद, रायगढ़ और कोरबा जैसे जिलों में नवनिर्मित पुलों और सड़कों के धंसने, बहने या उनमें दरार आने के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उद्घाटन के तुरंत बाद या पहले ही निर्माण कार्यों में दरारें आने से भारी भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के हमारे द्वारा लगातार लगाए जा रहे आरोप प्रमाणित हो रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा के कुशासन में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को ही विकास मान लिया गया है। रायपुर विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर का 4146 करोड़ की लागत से छत्तीसगढ़ के हिस्से में तैयार सड़क उद्घाटन से पहले ही बारिश में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है, 20 से ज्यादा दरारें, सड़क और ढलान बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, गुणवत्ताहीन अंडरब्रिज दलदल बन चुका है। 26 करोड़ रुपये की लागत से राजनांदगांव में बने रेलवे ओवरब्रिज (बरगा और आलीवारा) उद्घाटन के महज 15 से 20 दिन बाद ही पहली बारिश में दरक गए और उनमें लंबी दरारें आ गईं, सूरजपुर के धोंधा गांव में भारी बारिश के बाद पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है और आवाजाही बंद थी। गरियाबंद के गरियाबंद के उदांती क्षेत्र में निर्माणधीन पुल का हिस्सा बह गया, कोरबा के भैसामुड़ा में 3 करोड़ की लागत वाली पुलिया भी पहली बारिश नहीं झेल पाई। डिप्टी सीएम और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव के गृह क्षेत्र मुंगेली में नया पुल बह गया, रतनपुर पेंड्रारोड हाइवे पर रोज गाड़ियां फंस रही है, बस्तर और सरगुजा की सड़कों की स्थिति सर्वविदित है। रायगढ़ जिले के नवापारा में स्कूली बच्चों ने जर्जर सड़कों के खिलाफ कल गड्ढों में भरे पानी में नहाकर प्रदर्शन किया, पूरे प्रदेश में लगभग यही हालत हैं, मरम्मत तक नहीं करवा पा रही है सरकार।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर केवल झूठे दावे करती है, जमीनी कहीकत भयावह है। बलरामपुर, सूरजपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, गौरेला पेंड्रा बिलासपुर से लेकर पूरे प्रदेश में सड़के बदहाल है। बस्तर में केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट की सड़के जर्जर हो चुकी है, रोज गाड़ियां फंस रही है। सरकार बड़े-बड़े दावे और वाहवाही में व्यस्त है, जबकि धरातल पर जनता जर्जर सड़कों, गड्ढों और आवागमन की परेशानियों से जूझ रही है। अच्छी सड़कें आम जनता का अधिकार है, रोजाना बड़ी संख्या में यात्री, व्यापारी और आमजन आवागमन करते हैं। सरकार प्रदेश के सड़कों की वास्तविक स्थिति और प्रशासन के दावें को लेकर श्वेतपत्र जारी करे।