जगदलपुर। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले करीब पखवाड़े से चल रही इंटर्न डॉक्टरों की बेमियादी हड़ताल बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। हड़ताल खत्म होने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने लगी हैं।
अस्पताल में 125 से अधिक इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर थे। डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में उन्हें 15,900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है, जबकि वे इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग कर रहे हैं।
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक पड़ोसी और अन्य राज्यों में इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों को करीब 40 से 45 हजार रुपए तक मानदेय दिया जा रहा है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों से कई बार 24 से 30 घंटे तक ड्यूटी ली जाती है।
हड़ताल के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा था। इंटर्न डॉक्टर इमरजेंसी, आईसीयू, ओपीडी और कैजुअल्टी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं देते हैं और मरीजों की देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टरों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा स्टाइपेंड में रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा दूरदराज के पीएचसी-सीएचसी में ड्यूटी के दौरान आने-जाने, किताबों और पीजी की तैयारी समेत अन्य शैक्षणिक खर्च भी उन्हें उठाने पड़ते हैं।
बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों के राज्यस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक हुई। बैठक में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया और सभी इंटर्न डॉक्टर काम पर लौट आए।