नकली पनीर पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, फैक्टरी सील

महासमुंद। जिले में मिलावटी और प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के निर्माण की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने भलेसर रोड स्थित वैद्या फूड प्रोडक्ट के परिसर में अचानक दबिश दी। करीब तीन एकड़ में संचालित इस फैक्टरी में बड़ी मात्रा में तैयार पनीर मिलने के बाद हड़कंप मच गया।

कार्रवाई के दौरान टीम ने परिसर की जांच की, जहां बड़ी मात्रा में तैयार पनीर बरामद किया गया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और वास्तविक स्वरूप की जांच के लिए अधिकारियों ने मौके से अलग-अलग नमूने भी लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

प्रारंभिक कार्रवाई के बाद प्रशासन ने फैक्टरी को सील कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस परिसर में लंबे समय से प्रतिबंधित एनालॉग पनीर तैयार किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर ही कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को अंतिम समय में सूचना दिए जाने की बात भी सामने आई है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद नकली और मिलावटी पनीर के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। आशंका है कि तैयार पनीर की सप्लाई छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी ओडिशा समेत अन्य क्षेत्रों में भी की जा रही थी। अब प्रशासन बरामद सामग्री के सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

जांच रिपोर्ट में यदि पनीर प्रतिबंधित या निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित संचालक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन ने फैक्टरी को सील कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।