गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की GST कार्रवाई, 90 दिन में भुगतान का आदेश; 12 संपत्तियां चिन्हित

दुर्ग। चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी के खिलाफ राज्य जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने करीब पांच वर्षों के कथित कारोबार की जांच के बाद 317 करोड़ रुपये टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश के मुताबिक कारोबारी को निर्धारित राशि जमा करने के लिए 90 दिनों की समयसीमा दी गई है। राशि जमा नहीं होने की स्थिति में विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है।

जीएसटी विभाग की जांच के मुताबिक प्रदेश में तंबाकू युक्त गुटखे के कथित कारोबार का नेटवर्क कई वर्षों से संचालित किया जा रहा था। जांच में ‘सितार’ नाम से गुटखा तैयार कर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इसकी सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आने का विभाग ने दावा किया है। इसी आधार पर करीब पांच साल की अवधि के कारोबार का आकलन कर टैक्स और पेनल्टी की राशि निर्धारित की गई है।

फैक्ट्रियों में जांच के बाद सामने आई गतिविधियां

विभागीय टीम ने जुलाई 2025 में जुमनानी से जुड़ी जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में कार्रवाई की थी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान इन परिसरों में मुख्य रूप से गुटखे की पैकिंग से जुड़ी गतिविधियां सामने आईं।

इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी से जुड़ी राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री की भी जांच की गई। यहां गुटखे के कथित निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से संबंधित गतिविधियों की पड़ताल की गई।

‘सितार’ गुटखे के निर्माण की भी जांच

जांच के दौरान विभाग को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि ‘सितार’ गुटखा तैयार करने के लिए विशेष फार्मूला विकसित किया गया था। इसके लिए मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से एक कर्मचारी को बुलाए जाने की बात भी जांच में सामने आने का विभाग ने दावा किया है। इसके बाद गुटखे के निर्माण से लेकर उसकी पैकिंग और प्रदेश में सप्लाई तक के पूरे नेटवर्क की जांच की गई।

तीन कर्मचारियों को बनाया गया सरकारी गवाह

जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के दौरान कारोबारी से जुड़े तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन कर्मचारियों से शपथ-पत्र भी लिए गए हैं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उनके बयानों से जुड़े पहलुओं को रिकॉर्ड में रखा जा सके।

12 संपत्तियां विभाग की निगरानी में

विभागीय जांच में गुरमुख जुमनानी के स्वामित्व वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभाग के अनुसार यदि निर्धारित 90 दिनों के भीतर 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी राशि जमा नहीं की जाती है, तो इन संपत्तियों को कुर्क कर बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि मामले में न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया जा चुका है। अब 317 करोड़ रुपये के आदेश के बाद कारोबारी के सामने तय समयसीमा में राशि जमा करने की चुनौती है। समयसीमा पूरी होने के बाद विभाग आगे की वसूली कार्रवाई करेगा।