रायपुर। बिगड़ते कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के कुशासन में राजधानी रायपुर अब अपराध का गढ़ बन चुकी है। यहां पिछले एक हफ्ते में 6-6 लोगों की हत्या कर दी गई, पीड़ितों में 3 महिलाएं हैं, केवल यही नहीं बिलासपुर की महिला के साथ रायपुर में गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात इस सरकार के महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है। पुलिस थानों के पास ही तीन दरिंदो ने मिलकर पीड़िता को शराब पिलाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है। आरोप है कि आरोपियों ने स्कूल के मैदान में महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया, सवाल यही है कि आखिर राजधानी में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं? सार्वजनिक स्थानों और शहर के हृदय स्थलों और पुलिस थानों के आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है? अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं दिख रहा?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और बढ़ता अपराध अब बर्दास्त के बाहर हो गया है। दुर्ग के जेवरा सिरसा में कांग्रेस के नेता प्रकाश कश्यप की सरेआम घर जाते समय लूटने की नीयत से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गयी। जांजगीर-चांपा शहर में लिफ्ट मांगने के बहाने लूटने की कोशिश की गयी, विरोध करने पर एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी। बिलासपुर में 6 नकाबपोशों ने सरेआम शराब दुकान में हमला कर गार्ड को बंधक बनाकर लूट लिया। यह घटनाये राज्य की बद्तर हो चुकी कानून व्यवस्था के कुछ नमूना है। पूरे राज्य में अपराध का ग्राफ इतना बढ़ चुका है कि अब आदमी खुले में सड़क में चलने में डरने लगा है, नागरिक महिलाये कोई सुरक्षित नहीं है, कब किसकी कहां हत्या हो जाये कौन अपराधी कब किसको चाकू मार दे कहा नहीं जा सकता। पुलिस और सरकार दोनों अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रहे है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पिछले हफ्ते में रायपुर कमिश्नरेट के 3 और रायपुर ग्रामीण के 01 थानो में 06 हत्या की वारदातें सामने आई है जिनमें खमतराई थाना इलाके में 02, मुजगहन थाना इलाके में 01, अभनपुर थाना क्षेत्र में 01, सरस्वती नगर थाना में 01 और आमानाका थाना इलाके में 01 समेत 06 हत्या का मामला शामिल है। अपराध पर सख्ती और महिलाओं की सुरक्षा-यह सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, सरकारी व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इसके उलट है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद बावजूद एक हफ्ते में यहां 6-6 हत्या की वारदातें सामने आने के बादर ाजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे है। पहले मुजगहन में कांकेर की आदिवासी बेटी भारती नेताम की हत्या, फिर अभनपुर में तिजियाबाई, खमतराई डब्लूआरएस में नंदनी जैन की निर्मम हत्या, सरस्वती नगर क्षेत्र में महेश धृतलहरे, खमतराई में पवन टंडन और आमानाका की वारदात के खौफ़ से आम जनता डरी हुई है। अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, सरकार और प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। मामूली बात पर चाकू चल रहे हैं, नशे के अवैध कारोबार बेलगाम हो चुका है, यह सरकार भयमुक्त वातावरण देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।