जगदलपुर। बस्तर दशहरा के दौरान राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगाए जाने के विरोध में शहर के चार वार्डों के निवासी लामबंद हो गए हैं। शिव मंदिर, भैरमदेव, विजय और सुभाष वार्ड के लोगों ने मीना बाजार की अनुमति नहीं देने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। वार्डवासियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राजवाड़ा परिसर के बजाय किसी वैकल्पिक स्थान पर मीना बाजार लगाने की मांग की है।
वार्डवासियों का कहना है कि बस्तर दशहरा महापर्व का प्रमुख केंद्र सिरासार चौक और राजमहल परिसर है। दशहरा के दौरान बड़ी संख्या में बस्तर संभाग सहित प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे में राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगने से आसपास के वार्डों में यातायात और पार्किंग की समस्या गंभीर हो जाती है।
पार्किंग और यातायात से परेशान होने का दावा
ज्ञापन में वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि मीना बाजार में आने वाले लोगों के वाहन घरों के सामने और संकरी गलियों में खड़े कर दिए जाते हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है और स्थानीय लोगों को अपने घरों से निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि हर साल मीना बाजार के दौरान अव्यवस्थित पार्किंग और अनियंत्रित यातायात के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित होता है। इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन और मीना बाजार संचालकों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है।
राजपरिवार और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
वार्डवासियों ने ज्ञापन में राजपरिवार और प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगाने के लिए संचालक से लाखों रुपये का अनुबंध किया जाता है, लेकिन इसकी जानकारी प्रशासन और जीएसटी विभाग को नहीं दी जाती।
हालांकि, ये आरोप वार्डवासियों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वार्डवासियों ने नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मामले की जांच और नियमानुसार राजस्व वसूली की मांग की है।
वैकल्पिक स्थान पर बाजार लगाने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि बस्तर दशहरा के दौरान राजवाड़ा परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति न दी जाए। इसके बजाय ऐसा वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया जाए, जहां पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था हो और स्थानीय लोगों को यातायात संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद राजमहल परिसर में मीना बाजार लगाने की अनुमति दी गई तो चारों वार्डों के निवासी आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी समस्या की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल वार्डवासियों का हस्ताक्षर अभियान जारी है और प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर है।