
० मेरी बेटी सफल डॉक्टर बने, यही सबसे बड़ा सपना : रश्मि नेताम
जगदलपुर। एक मां की खुशी उस वक्त आंसुओं के सैलाब के रूप में नजर आई, जब उनकी बेटी ने एमबीबीएस की पढ़ाई का पहला वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस खुशी को समाज और विद्यालय के बच्चों के साथ साझा करने के लिए विकासखंड बस्तर की ग्राम पंचायत भाटपाल के आश्रित ग्राम भूरसुंडी स्थित माध्यमिक शाला में प्रेरणादायी न्योता भोज का आयोजन किया गया।
मिडिल स्कूल भूरसुंडी की शिक्षिका रश्मि नेताम ने अपनी एकमात्र पुत्री श्रुति नेताम के एमबीबीएस प्रथम वर्ष उत्तीर्ण होने की खुशी में माध्यमिक शाला भूरसुंडी और प्राथमिक शाला महुगुड़ा के छात्र-छात्राओं को स्नेहपूर्वक भोज कराया। रश्मि नेताम ने बताया कि बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने के लिए उसे घर से दूर भेजना आसान नहीं था। उसकी याद हर दिन आती थी, लेकिन पहले वर्ष की सफलता ने उस विरह को गर्व में बदल दिया। इसी खुशी को उन्होंने विद्यालय के बच्चों के साथ साझा करने का निर्णय लिया।न्योता भोज में बच्चों को अपने हाथों से खीर, पूरियां, पनीर, छोले की सब्जी और मिष्ठान परोसा गया। बच्चों के बीच भोजन परोसते समय श्रीमती नेताम भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी अपनी पढ़ाई पूरी कर एक सफल और संवेदनशील डॉक्टर बने, यही मेरी सबसे बड़ी इच्छा है। आप सभी का आशीर्वाद उसके साथ बना रहे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भाटपाल के सरपंच अमृत कश्यप, शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्ष मंगला नाग, संस्था प्रभारी शैलेंद्र तिवारी, शिक्षिका रश्मि नेताम, हेमलता कश्यप, भूतेश्वर पांडेय, लोकेश रावटे, चमरूराम बघेल, सतीश श्रीवास्तव, रसोइया सुलोचना यादव, खुजीबाई, देवकी कश्यप, अर्जुन बघेल, सफाई कर्मचारी अमरीला कश्यप, जागेश्वर नाग सहित विद्यालय परिवार एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।यह आयोजन केवल एक न्योता भोज नहीं, बल्कि एक मां के स्नेह, बेटी के संघर्ष और शिक्षा के प्रति अटूट विश्वास का भावनात्मक उत्सव बन गया। उपस्थित सभी लोगों ने श्रुति नेताम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बेटियों की शिक्षा और उनके सपनों का सम्मान करने वाली ऐसी पहल पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।