बिजली के दाम कम करने और स्मार्ट मीटर वापस लेने कांग्रेस करेगी आंदोलन : सुशील मौर्य

जगदलपुर। राजीव भवन जगदलपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा आज से कांग्रेस का प्रदेशव्यापी अभियान पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगी और जनता की आवाज़ को सड़क से लेकर सरकार के दरवाज़े तक बुलंद करेगी। भाजपा सरकार”महतारी वंदन नहीं, वसूली मीटर बंद करो” बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध किया जाएगा तथा बिजली के बढ़े दाम वापस लेने की मांग की जाएगी।
सुशील मौर्य ने कहा कि 2 अगस्त से कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे तथा आम जनता से बिजली के दाम बढ़ाने के विरोध में विरोध पत्र भरवाएंगे। बिजली के दाम बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग दो माह तक करेंगे। इसके बाद फार्म को लेकर प्रदेश भर में हम जिले के बिजली दफ्तर का घेराव करेंगे एवं एकत्रित आवेदन जमा कराएंगे। सभी जिलों में फार्म भरवाने तथा जिले के बिजली दफ्तरों के घेराव के बाद प्राप्त पावती को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री भी है उनके निवास का घेराव करेंगे। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की है। कृषि पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बन गए हैं l। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी की थी। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी की थी। Bउसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। भाजपा से सरकार नहीं संभल नहीं रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है। सरकार उपभोक्ताओं को लूटने में लगी है। पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। बिजली की खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ाई जा रही है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है। सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि अडानी की कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं, और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ताओं की सहमति या अनुमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर कानूनी है। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरिया क्यों लगाया जा रहा है? कांग्रेस मांग करती है कि -बिजली के दाम घटाये जाये।400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाए।स्मार्ट मीटर वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकारों ने वापस लेने का निर्णय लिया है। उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले।

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