जगदलपुर। छत्तीसगढ कांग्रेस रायपुर के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय काे शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में वर्ष 2025 में हुई शैक्षणिक पदों की अवैधानिक भर्ती की न्यायिक जांच एवं वर्तमान में चल रहे, अवैधानिक भर्ती प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने ज्ञापन साैंपा है, इस विषय पर पूर्व में हुए जांच काे सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है, साथ ही भ्रष्टाचारी कुलपति समेत जो चयनित उम्मीदवार हैं उन सभी के काल डिटेल, मोबाइल नंबर और बैक खातों तथा अचानक लिए लोन, जमीन खरीदी बिक्री आदि तथ्यो की जांच की जावे। वर्तमान में चल रहे अवैधानिक भर्ती को तत्काल निरस्त कर जांच तक कुलपति मनोज कुमार श्रीवास्तव को विश्वविद्यालय से हटाया जावे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय काे प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में वर्ष 2025 में विभिन्न विभागों में प्रोफेसर, सह प्रोफेसर एवं सहायक प्रोफेसर के विभिन्न पदों पर अवैधानिक रूप से भर्ती की गई जिसमें अनेक खामीयां और अनियमितता जैसे रोस्टर नियमों का पालन नहीं करना, मेरिट में अव्वल उम्मीदवारो को छोड़कर अयोग्य उम्मीदवारो को साक्षात्कार में मनमाने अंक देकर चयन करना, कई पदों पर पीएचडी, जेआरएफ योग्यता वाले उम्मीदवार होने के बावजूद पैसे की सेटिंग नहीं होने के कारण सैकड़ों उम्मीदवारो को नाट फाउंड सुटेबल करना, यूजीसी नियमानुसार अनेक विषयों के साक्षात्कार में चयन समिति का कोरम पूरा नहीं होना, क्लास 3 के पदों को बिना सक्षम अनुमति कलास टू के पद में परिवर्तित करना, चयन सूची जारी किये बिना चहेते उम्मीदवारो को अवैधानिक तरीके से गुपचुप ज्वाइनिंग कराना, ओबीसी आरक्षित पदों पर सामान्य वर्ग का चयन करना समेत ढेरों शिकायतें मेरे सहित अनेक प्रभावित उम्मीदवारो ने पूर्व में किया था परंतु किसी भी प्रकार से उक्त शिकायतों के संबंध में जवाब प्राप्त नहीं हुआ और ना ही किसी भी शिकायत कर्ता से इस संबंध में तथ्यो की जानकारी ली गई।
उमाशंकर शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में इस वर्ष 2026 में पुनः शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में 100 से अधिक विभिन्न शैक्षणिक पदों की अवैधानिक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, इस वर्ष की भर्ती प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भ्रष्टाचार को आसान बनाने नया पैंतरा अपनाया है, वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में दावा आपत्ति सूची में उम्मीदवारो के एप्लिकेशन आइडी (बिना नाम से) से और बिना अंको के पात्र अपात्र सूची जारी किया है। अब उम्मीदवार किस आधार पर और किस पर दावा और आपत्ति करें यह भी एक बड़ी खामी और कुलपति द्वारा भ्रष्टाचार और मनमानी करने के लिए अपनाया गया नया हथकंडा है। इसी विश्वविद्यालय में वर्ष 2025 के पूर्व के भर्ती में नाम सहित पात्र अपात्र सूची जारी हुआ था तो फिर अचानक भर्ती प्रक्रिया के बिच में एप्लिकेशन आइडी से पात्र अपात्र सूची जारी करने का यह नया हथकंडा क्यों अपनाया गया।
उन्हाेने बताया कि उपरोक्त सभी बिंदुओं की लिखित सैकड़ों शिकायतें हो चुकी है, लगभग सभी समाचार पत्रों में लगातार अवैधानिक भर्ती की खबर प्रकाशित हुई है, 35 से 45 लाख एक एक पद के लिए घूस के आरोप लगे हैं। विधानसभा में सत्ता पक्ष के विधायक श्रीमती लता उसेंडी, अजय चंद्राकर, विपक्षी विधायक देवेन्द्र यादव सहित पूर्व आदिवासी विधायक राजाराम तोडेम, पूर्व मंत्री अरविन्द नेताम, पूर्व विधायक संतोष बाफना समेत अनेक लोगों ने मामले को विधानसभा और अनेक फोरमों में उठाया है परंतु शासन प्रशासन ने अब तक इस भ्रष्टाचारी कुलपति के विरुद्ध किसी भी प्रकार से कोई भी कार्रवाई नहीं की है।