दल्ली राजहरा। डौंडी और डौंडीलोहारा क्षेत्रों में धान उगाने वाले क़ृषि कार्य से जुड़े लोगो में तथाकथित केंदुए का प्रकोप ज्यादा देखने में आ रहा है। इसका रासायनिक खाद, कीटनक, हर्बिसाइड खरपतवार नाशक हो सकता है। शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा के मुख्य चिकित्सक डॉ. शैबाल जेना के मुताबिक हालांकि सरकार ने हर्बिसाइड को बैन कर दिया है लेकिन यह अभी बिक रहा है। पैरों का गीला होना और इन रासायनिक और कीटनाशक, खरपतवार नाशक के संपर्क में लगातार रहने के कारण हो सकता है। यह केंदवा नही है। साधारण एंटीबायोटिक का जल्दी असर नहीं हो रहा है, घाव सूखने, ठीक होने में समय लग रहा है।इस पर अध्ययन होना चाहिए।
डॉ. शैबाल जाना मुख्य चिकित्सक शहीद अस्पताल दल्ली राजहरा ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है। डॉ जेना ने कहा है कि नंगे पैर खेतों में न जाएं और इस तरह की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।