
० पूरा माल हजम कर गए विक्रेता और सरपंच
० एसडीएम के आदेश की जमकर उड़ाई धज्जियां
बकावंड। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बकावंड के निलंबन आदेश को ताक पर रखकर ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल की शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि राशन विक्रेता और सरपंच की मिलीभगत_से जुलाई 2026 में 130 राशन कार्डधारियों के नाम पर 2.60 क्विंटल राशन और गुड़ का फर्जी उठाव कर लिया गया। जबकि हितग्राहियों को एक किलो राशन और एक दाना गुड़ भी नहीं मिला। एसडीएम बकावंड ने 21 मई 2026 को आदेश क्रमांक 289 जारी कर अनियमितता के चलते छोटे जीराखाल की सरकारी उचित मूल्य दुकान को निलंबित कर राशन वितरण का प्रभार फरसरा की सरादी महिला स्व सहायता समूह को सौंपा गया था। लेकिन निलंबन के 2 महीने बाद भी विक्रेता दबंगई से दुकान चला रहा है। चाबी और स्टॉक नहीं सौंपने के कारण फरसरा महिला समूह वितरण शुरू नहीं कर पा रहा है।
2.60 क्विंटल राशन, गुड़ गायब
ग्रामीणों के अनुसार जुलाई माह में पीओएस मशीन में 130 हितग्राहियों के खाते से लगभग 2 क्विंटल 60 किलो राशन ऑनलाइन उठा लिया गया। साथ ही प्रत्येक कार्ड के हिसाब से 2.60 किलो गुड़ का कोटा_भी निकाल लिया गया।मोबाइल पर मैसेज आया कि राशन-गुड़ निकल गया है, मगर जब दुकान पर गए तो कहा गया स्टॉक नहीं आया है। पीड़ित ग्रामीण मालती, लक्ष्मी, सरोजनी, दिलेश्वरी एवं अन्य का ये आरोप है। पीड़ित ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर से मांग की है कि दोषी राशन विक्रेता और सरपंच पर छत्तीसगढ़ पीडीएस नियंत्रण आदेश 2016 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए,130 हितग्राहियों को जुलाई माह का बकाया राशन और गुड़ डबल दिया जाए, फरसरा महिला स्व सहायता समूह को तुरंत प्रभार देकर वितरण शुरू कराया जाए।