
0 शिक्षा विभाग में अब नहीं चलेगी मनमानी
0 समय पर मूल स्थान में नहीं गए तो सर्विस ब्रेक
(अर्जुन झा) जगदलपुर। मैं जो चाहे वो करूं, मैं जो चाहे ये करुं, मेरी मर्जी, अब यह फसाना नहीं चलेगा। अब बिल्कुल भी नहीं चलेगा अपनी मर्जी वाला खेल।छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जो उन शिक्षकों और कर्मचारियों की नींद उड़ाने वाला है, जिन्होंने अपनी सुख सुविधा के लिए अपना अटैचमेंट विभिन्न विभागों या कार्यालयों में करा लिया है। ये शिक्षक और कर्मचारी समय रहते अपनी मूल शाला में नहीं लौटे तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।
शिक्षा विभाग में वर्षों से चल रही संलग्नीकरण व्यवस्था पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट कर दिया है कि संलग्नीकरण समाप्त होने के बाद भी निर्धारित समय-सीमा में अपने मूल पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अब सीधे ‘ब्रेक इन सर्विस’ यानि सेवा में व्यावधान की कार्रवाई की जाएगी।
संचालनालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी संबंधित कर्मचारियों को आदेशानुसार अपने मूल विद्यालय, कार्यालय में पहुंच कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी थी। लेकिन अनेक कर्मचारियों द्वारा समय-सीमा का पालन नहीं किए जाने को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए अब उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो कर्मचारी निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध ‘ब्रेक इन सर्विस’ का प्रस्ताव तुरंत संचालनालय को भेजा जाए। इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि शासन के निर्देशों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में न केवल सेवा रिकॉर्ड प्रभावित होगा, बल्कि भविष्य में वेतन, पदोन्नति एवं अन्य शासकीय लाभों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस आदेश का पालन कितनी सख्ती से कराता है और लापरवाह कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।