० टाटा स्टील फाउंडेशन के ट्राइबल लीडरशिप प्रोग्राम में बस्तर के हेमंत कश्यप ने बढ़ाया छग का मान
जगदलपुर। बस्तर की समृद्ध मुरिया आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। ग्राम आसना निवासी युवा आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कश्यप का चयन टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ट्राइबल लीडरशिप प्रोग्राम 2026 के लिए हुआ, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की संस्कृति और परंपराओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
बैंगलोर स्थित स्कूल ऑफ एशियंट विजडम में 21 से 28 जून तक आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 25 राज्यों की 54 से अधिक जनजातियों के लगभग 100 युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले नेतृत्व को प्रोत्साहित करना था। बस्तर के हेमंत कश्यप का चयन सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी सक्रियता, जनहित के मुद्दों पर संघर्षशील भूमिका तथा मुरिया समुदाय की संस्कृति, लोकनृत्य, वेशभूषा और परंपराओं के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर किया गया था। कार्यक्रम के दौरान हेमंत ने बस्तर की मुरिया संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर प्रतिभागियों और आयोजकों का दिल जीत लिया। समापन समारोह में टाटा स्टील फाउंडेशन ने उन्हें उत्कृष्ट सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और जनजातीय समाज के प्रति समर्पित योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। आयोजकों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। हेमंत कश्यप ने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें देश की विभिन्न जनजातियों की संस्कृति, चुनौतियों और नेतृत्व के विविध आयामों को समझने का अवसर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से प्राप्त अनुभव का उपयोग वे बस्तर में मुरिया समाज के सामाजिक उत्थान, सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सशक्तिकरण के लिए करेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर बस्तर सहित पूरे मुरिया समाज में खुशी का माहौल है। सामाजिक संगठनों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने इसे पूरे बस्तर के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि हेमंत कश्यप जैसे युवा अपनी जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाकर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
मुख्य उपलब्धियां:
– टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिष्ठित TLP-2026 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन।
– देश के 25 राज्यों के जनजातीय युवा नेताओं के साथ नेतृत्व प्रशिक्षण।
– बस्तर की मुरिया संस्कृति एवं परंपराओं का राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व।
– उत्कृष्ट नेतृत्व एवं सहभागिता के लिए प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित।जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर सक्रिय।