रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि नवा रायपुर के तूता गांव में 36 परिवारों को मकान तोड़ने का नोटिस जारी किया जाना भाजपा सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता का एक और उदाहरण है। नकटी गांव में 85घरों पर बुलडोजर चलाने के बाद अब तूता गांव के गरीब परिवारों को बेघर करने की तैयारी की जा रही है,जिसका हम कड़ा विरोध करते है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर वर्षों से बसे गरीब, मजदूर और किसान परिवारों को उजाड़ने का अभियान चला रही है।जैसा कि हमने नकटी गाँव में देखा कि जिन लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई से घर बनाए,इंदिरा आवास, पीएमआवास के तहत भी घर बनाये, बिजली कनेक्शन लिए, राशन कार्ड बनाये, आधार कार्ड बनाये,उन निवाश्रितो को बिना समुचित पुनर्वास और मानवीय समाधान दिए बारिश के मौसम में बुलडोजर चला कर बेदखल कर दिया गया,अब वही तैयारी तुता गाँव के रेहवासियो के साथ करने की कोशिश कि जा रही है,जो अस्वीकार्य है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि यदि किसी भूमि को लेकर कोई विवाद है तो उसका समाधान कानून और संवाद के माध्यम से होना चाहिए,न कि गरीबों के सिर से छत छीनकर। सरकार को चाहिए कि पहले वह प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करे ,जिन परिवारों के मकान वर्षों से बने हुए हैं, उन्हें अचानक नोटिस देकर भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करना भाजपा सरकार कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। जब से यह सरकार प्रदेश में आयी है उद्योगपतियों और बड़े लोगों के अवैध कब्जों पर चुप रहती है,लेकिन गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने में पूरी ताकत लगा देती है। यह दोहरा मापदंड भी प्रदेश कि जनता देख रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि तूता गांव के 36 परिवारों को दिए गए मकान तोड़ने के नोटिस को तत्काल वापस लिए जाएं और प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित कर उनके पुनर्वास और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित किए बिना किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई न की जाए।