रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने नकटी गाँव में भारी बारिश के दौरान बुलडोजर चलाकर मकान को तोड़े जाने की घटना पर भाजपा सरकार के नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क़ानून के नाम पर अमानवीयता किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देती। भाजपा सरकार का दायित्व अब केवल बुल्डोजर चला कर गरीबों के घर तोड़ो और पूंजीपतियों को फ़ायदा पहुँचाओ इस नीति पर विष्णुदेव साय सरकार कार्य कर रहें है। आज सवाल केवल मकानों का नहीं है, सवाल इंसानियत का है। जिस समय पूरा प्रदेश बारिश से जूझ रहा है, उस समय यदि किसी परिवार के सिर से उसकी छत छिन जाए, तो सबसे बड़ा दर्द उस मां का होता है जो अपने बच्चों को भीगने से बचाने की कोशिश कर रही होती है। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या किसी अधिकारी ने उन महिलाओं की आंखों में झांककर देखा, जो अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे खड़ी थीं? क्या किसी ने सोचा कि एक मां अपने बच्चों को बारिश, ठंड और बीमारी से कैसे बचाएगी?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने कहा कि क्या सरकार ने उन बुजुर्गों के बारे में सोचा, जिनकी पूरी जिंदगी की कमाई कुछ ही घंटों में मलबे में बदल गई? क्या सरकार ने उन बच्चों की चिंता की, जिनकी किताबें, कपड़े और रोजमर्रा का सामान नष्ट हो गया या जो आज भय और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजपूत ने कहा कि कानून का पालन होना चाहिए, लेकिन कानून का सबसे बड़ा उद्देश्य इंसान की गरिमा और जीवन की रक्षा करना है। यदि किसी कार्रवाई से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक कष्ट होता है, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि उसने उस पीड़ा को कम करने के लिए क्या कदम उठाए? पीड़ित परिवारों को अधिकारियों द्वारा धमकाया जा रहा है ये कैसा सुशासन है, जहाँ पर जनता के साथ अत्याचार हो रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता इस असंवेदनशील रवैये का जवाब लोकतांत्रिक तरीक़े से अवश्य देगी।